Rewa news; रीवा में ‘चौथे स्तंभ’ पर हमला:सेमरिया के रूपौली में पत्रकार अर्जुन तिवारी से बर्बरता, नशे में धुत दबंग ने पीटा आधी रात को घर पर आकर तांडव: गाली-गलौज कर किया जानलेवा हमला, दी जान से मारने की धमकी, दहशत में पीड़ित: रात को अकेले थाने जाने की नहीं हुई हिम्मत, SP और 112 को फोन कर मांगी सुरक्षा
रीवा। जिले में अपराधियों और गुंडों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी सुरक्षित नहीं है। सेमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम रूपौली में बीती रात कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए एक स्थानीय पत्रकार अर्जुन तिवारी पर जानलेवा हमला किया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि गाव के ही दबंग विपिन तिवारी ने शराब के नशे में था और पड़ोस में किसी से विवाद कर रहा रहा था मैं अपने घर के दरबाजे में खड़ा था तभी आरोपी विपिन तिवारी मेरे पास आता है और गाली गलौज करते हुए मेरा गला दबाते हुए मारपीट करने लगा , वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पत्रकार को सरेआम जान से मारने की धमकी देता हुआ मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद से पूरे मीडियाकर्मियों में भारी आक्रोश है।
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शराब के नशे में चूर दबंग ने किया घर मे घुसकर तांडव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना रविवार की रात लगभग 10:30 बजे की है। पत्रकार अर्जुन तिवारी अपने घर के बाहर, खड़े तभी ग्राम रूपौली का ही दबंग युवक विपिन तिवारी शराब के नशे में धुत होकर वहां पहुंचा। आरोपी ने बिना किसी उकसावे के पत्रकार अर्जुन तिवारी को देखते ही मां-बहन की बेहद गंदी और अभद्र गालियां देना शुरू कर दिया।
जब पत्रकार ने इस अभद्रता का विरोध किया तो पैसे के नशे में चूर आरोपी विपिन तिवारी ने आपा खो दिया और पत्रकार पर टूट पड़ा। आरोपी ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। चीख-पुकार सुनकर जब तक आस पास के लोग मदद के लिए दौड़ते, तब तक आरोपी अगर पुलिस के पास गया तो जान से मार डालूंगा की धमकी देते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
खौफ के साए में पीड़ित, रसूख के आगे लाचार दिखी व्यवस्था
इस कायराना हमले के बाद पीड़ित पत्रकार अर्जुन तिवारी गहरे सदमे और दहशत में हैं। आरोपी की क्षेत्र में दबंगई और रात का वक्त होने के कारण पीड़ित अकेले सेमरिया थाना जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा सका। न्याय और सुरक्षा की उम्मीद में पीड़ित पत्रकार ने फोन के जरिए रीवा पुलिस अधीक्षक और पुलिस सेवा 112 को पूरी आपबीती सुनाई और सुरक्षा की गुहार लगाई।
बड़ा सवाल: रीवा में कब तक पिटेगा मीडिया
पत्रकार संगठनों ने खोला मोर्चा, उग्र आंदोलन की चेतावनी
पत्रकार पर हुए इस कायराना हमले की खबर आग की तरह फैलते ही जिले के तमाम पत्रकार संगठनों ने अपनी कमर कस ली है। पत्रकारों का कहना है कि अगर सच लिखने और दिखाने वालों पर इस तरह सरेआम हमले होंगे, तो आम जनता का क्या होगा?
