Crime news: खाकी की नाक के नीचे मवेशी तस्करी का खेल: आईजी के ‘पशु सुरक्षा अभियान’ को मातहत ही लगा रहे पलीता
Crime news: रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत जहां एक ओर पशु सुरक्षा और जीवन रक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील हैं और लगातार तस्करों को सलाखों के पीछे भेज रहे हैं, वहीं उनके ही कुछ अधीनस्थ अधिकारी इस मुहिम की जड़ों में मट्ठा डालने का काम कर रहे हैं। ताजा मामला सेमरिया थाना क्षेत्र से आज रविवार को दोपहर 12 बजे सामने आया है, जहाँ थाने से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर बेखौफ तस्कर मवेशियों को ट्रकों में लोड करते नजर आए।
Crime news: पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने पुलिसिया मुस्तैदी की पोल खोल दी है। यह वीडियो सेमरिया थाने के पास छमुआ स्टेडियम के पीछे का बताया जा रहा है।
मीडिया सूत्रों का दावा है कि पशु तस्करी की पुख्ता सूचना स्थानीय पुलिस को समय रहते दी गई थी, लेकिन घंटों चली इस कवायद के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। नतीजा यह रहा कि तस्कर मवेशियों से लदा ट्रक लेकर आसानी से रफूचक्कर हो गए।
बताया जा रहा है कि पड़ोसी जिले सतना के विभिन्न थाना क्षेत्रों में तस्करों के विरुद्ध लगातार हो रही कार्रवाई के बाद अब गिरोह ने सेमरिया क्षेत्र को अपना नया ठिकाना बना लिया है। यहाँ विभिन्न ग्रामीण अंचलों से मवेशियों को लाकर एकत्रित किया जाता है। इसके बाद सेमरिया से बिरसिंहपुर रोड होते हुए गिरवार और धारकुड़ी थाने के पास से मानिकपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश की सीमा में पशुओं को खपाया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के मुताबिक, मौके पर दो ट्रक मौजूद थे। पुलिस के न पहुंचने से बेखौफ तस्करों ने एक ट्रक में मवेशियों को लोड कर उसे रवाना कर दिया। वहीं, मामला गरमाता देख दूसरे ट्रक को अनलोड कर तस्कर वाहन सहित फरार होने में कामयाब रहे। इस पूरी घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आईजी के सख्त निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर मातहत अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मौन साधे हुए हैं।
