मध्य प्रदेश

Rewa news संजय गांधी अस्पताल पहुंचे बच्चे को लगा इंजेक्शन हालत गंभीर डॉक्टरों ने खड़े किए हाथ परिजनों में आक्रोश लगाया गंभीर आरोप

Share With Others

Rewa news: रीवा जिले स्थित गांधी स्मारक चिकित्सालय में चिकित्सा लापरवाही का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला आज शनिवार की दोपहर सामने आया है। लालगाव निवासी अस्पताल में भर्ती एक 18 माह के मासूम बच्चे की हालत डॉक्टरों द्वारा लगाए गए एक कथित इंजेक्शन के बाद अत्यंत नाजुक हो गई है। परिजनों का आरोप है कि सामान्य बुखार के इलाज के लिए आए उनके बच्चे को गलत उपचार देकर मौत के मुहाने पर खड़ा कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गढ़ थाना क्षेत्र के बरही लालगांव निवासी दिवाकर वर्मा ने अपने 18 महीने के पुत्र शिवांश वर्मा को 12 फरवरी को सामान्य बुखार की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया था।

परिजनों का कहना है कि शुरुआती दिनों में बच्चा ठीक था और उसे केवल सामान्य ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
See also  MP Weather: मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी; नर्मदापुरम 43.8°C, 11 जिलों में लू का अलर्ट, रीवा संभाग में बारिश के संकेत, जानिए

Rewa news: इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत

पीड़ित पिता दिवाकर वर्मा ने बताया कि शुक्रवार शनिवार की बीती रात डॉक्टरों ने बच्चे को कुछ इंजेक्शन लगाए। आरोप है कि इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद मासूम के पूरे शरीर पर लाल चकत्ते निकल आए और शरीर में भयानक सूजन आ गई। दिवाकर ने कहा, “कल तक डॉक्टर बोल रहे थे कि बच्चा ठीक है, लेकिन रात में इंजेक्शन देने के बाद अचानक उसकी हालत बिगड़ गई।

परिजनों में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि पिछले 24 दिनों से बच्चा अस्पताल में है, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार के बजाय गिरावट आई है। पिता का सवाल है कि यदि अस्पताल के पास उचित इलाज की सुविधा नहीं थी या स्थिति नियंत्रण से बाहर थी, तो बच्चे को समय रहते किसी बड़े सेंटर के लिए रेफर क्यों नहीं किया गया?

See also  Rewa news: कमिश्नर का एक्शन रीवा के जिला शिक्षा अधिकारी और योजना अधिकारी शिक्षा को किया निलंबित

“मेरे बच्चे के साथ ऐसा क्यों किया गया? अगर दवा उपलब्ध नहीं थी या सुधार नहीं हो रहा था, तो हमें पहले क्यों नहीं बताया गया अब डॉक्टर हाथ खड़े कर रहे हैं

इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल है। परिजनों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *