Rewa news: सादगी की मिसाल: बस में सवार होकर डभौरा के जतरी गाँव पहुँचे रीवा कलेक्टर, चौपाल लगाकर सुनीं समस्याएँ
Rewa news: रीवा के नवागत कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी इन दिनों अपने काम करने के अलग अंदाज़ और सादगी को लेकर सुर्खियों में हैं। अक्सर देखा जाता है कि जिले के बड़े अधिकारी सुरक्षा घेरे और सरकारी गाड़ियों के काफिले के साथ निकलते हैं, लेकिन कलेक्टर सूर्यवंशी ने इस परंपरा को तोड़ते हुए एक आम यात्री की तरह बस में सफर किया और सीधे डभौरा क्षेत्र के जतरी गाँव पहुँच गए। उनके इस औचक दौरे से न केवल ग्रामीणों में उत्साह दिखा, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया।
गाँव पहुँचते ही कलेक्टर ने पेड़ों की छांव में ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। उन्होंने लोगों से बेहद सहज भाव में कहा कि आज मेरे आने का उद्देश्य फील्ड में आकर आपके गाँव की हकीकत को समझना है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनका मुख्य काम जनता की समस्याओं का निराकरण करना है। कलेक्टर ने स्पष्ट लहजे में कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाएं।
संवाद के दौरान कलेक्टर ने स्थानीय पटवारी से उनके पास मौजूद हलकों और गाँव में उनकी उपस्थिति को लेकर सवाल किए। उन्होंने राजस्व संबंधी मामलों जैसे सीमांकन और नामांतरण की पेंडेंसी पर कड़ी नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
चौपाल में किसानों ने ‘किसान सम्मान निधि’ के पंजीकरण में आ रही तकनीकी दिक्कतों को कलेक्टर के सामने रखा। ग्रामीणों ने बताया कि कई मामलों में परिवार के बुजुर्ग मुखिया की मृत्यु हो चुकी है और आधार कार्ड जैसी तकनीकी अनिवार्यताओं के कारण उनकी किस्तें रुकी हुई हैं। इस पर कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे करीब 15-20 चिन्हित मामलों का तत्काल समाधान निकाला जाता
कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण ने यह साफ संदेश दे दिया है कि अब जिले में काम के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और आमजन की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के इस नए अंदाज़ की क्षेत्र में काफी प्रशंसा हो रही है और लोगों को उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकेगा।
