Mp news; UTD सहित विंध्य क्षेत्र के कई लॉ कॉलेजों की BCI मान्यता समाप्त होने का दावा, छात्रों के भविष्य पर उठे सवाल
रीवा |एलएलबी (LLB) में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। रीवा सहित विंध्य क्षेत्र के कई विधि महाविद्यालयों की बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI), नई दिल्ली से प्राप्त मान्यता समाप्त होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में वर्ष 2026-27 सत्र में प्रवेश लेने वाले हजारों छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
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सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.के. माला ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया समय-समय पर मान्यता प्राप्त विधि महाविद्यालयों की सूची जारी करता है। जिन संस्थानों में निर्धारित मानकों, योग्य शिक्षकों, पुस्तकालय, मूट कोर्ट, आधारभूत संरचना एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक व्यवस्थाओं की कमी पाई जाती है, उनकी मान्यता का नवीनीकरण नहीं किया जाता।
उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि केवल विश्वविद्यालय से संबद्धता देखकर किसी भी लॉ कॉलेज में प्रवेश न लें, बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि संबंधित महाविद्यालय को सत्र 2026-27 के लिए BCI की वैध मान्यता या नवीनीकरण प्राप्त है या नहीं। प्रवेश से पहले BCI की आधिकारिक सूची और संबंधित दस्तावेजों की जांच अवश्य करें, क्योंकि बिना मान्यता वाले संस्थान से प्राप्त डिग्री भविष्य में अधिवक्ता के रूप में पंजीयन या अन्य कानूनी कार्यो में बाधा बन सकती है।
बी.के. माला के अनुसार, BCI की वेबसाइट पर उपलब्ध सूची में अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (APSU), रीवा से संबद्ध कुछ शासकीय एवं निजी लॉ कॉलेजों की मान्यता वर्ष 2023-24 और 2024-25 तक ही प्रदर्शित है। इनमें APSU (एपीएसयू), टीआरएस कॉलेज, पेंटियम पॉइंट, श्रीयुत महाविद्यालय गंगेव, सोहागी कॉलेज सहित अन्य संस्थानों का नाम शामिल है।
सूत्रों का दावा है कि जिन निजी महाविद्यालयों की BCI मान्यता समाप्त हो चुकी है, उन्हें भी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल रखा गया है। आरोप है कि ऐसे मामलों में विश्वविद्यालय और संबंधित विभागों द्वारा पर्याप्त सतर्कता नहीं बरती गई, य फिर मोटी रकम लेकर सूची में शामिल किया गया है जिसके कारण
छात्रों और अभिभावकों के साथ भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
इस मामले में अधिवक्ता ने कहा कि जो निजी विधि महाविद्यालय BCI के निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते, उनकी मान्यता समाप्त कर दी जानी चाहिए। य फिर ऐसे संस्थानों पर एक लाख प्रति छात्र की दर से आर्थिक दंड लगाने चाहिए ताकि छात्रों को गुमराह करने वाले शिक्षा संस्थानों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि LLB में प्रवेश लेने से पहले छात्र और अभिभावक निम्न बातों की पुष्टि अवश्य करें—
संबंधित कॉलेज की BCI से सत्र 2025-26-और 27 के लिए वैध मान्यता, विश्वविद्यालय की संबद्धता के साथ BCI की स्वीकृति अधिकारिक वेबसाइट से जरूर जांचें प्रवेश से पहले की गई थोड़ी-सी सावधानी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और छात्रों अभिभावकों का भविष्य चौपट होने से बच जाएगा।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
