Rewa News: रीवा कलेक्टर का एक्शन; दो कर्मचारी सस्पेंड! नायब तहसीलदार को सूरज ढलने तक का वक्त
रीवा: जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई उस समय हड़कंप की स्थिति में आ गई जब कलेक्टर नवागत तेवर दिखाते हुए बेहद सख्त नजर आए। सालों से अटकी शिकायतों और अधिकारियों की टालमटोल वाली कार्यप्रणाली पर भड़कते हुए कलेक्टर ने न केवल मौके पर फटकार लगाई, बल्कि दोषी कर्मचारियों पर तत्काल गाज भी गिरा दी।
पेंशन और भविष्य निधि पर सख्त कार्रवाई Rewa News
जिला शिक्षा केंद्र में पेंशन और भविष्य निधि (GPF) का मामला लंबे समय से लटकाने पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। फरियादी जितेंद्र सिंह ने शिकायत की थी कि पांच बार आवेदन देने के बाद भी उनकी राशि जमा नहीं की गई, जिससे उनकी पेंशन रुकी हुई है। इस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और डीपीसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
शासकीय हैंडपंप पर कब्जे पर तहसीलदार की क्लास Rewa News
एक अन्य मामले में ग्राम गढ़वा (कनौजा) के निवासी राम शिरोमणि मिश्रा ने शिकायत की थी कि दबंगों ने उनके घर के पास स्थित सरकारी हैंडपंप को दीवार बनाकर अपने घर के अंदर कैद कर लिया है। फरियादी के मुताबिक, तहसीलदार और नायब तहसीलदार से कई बार गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। कलेक्टर ने इस पर बिफरते हुए मौके पर मौजूद तहसीलदार और नायब तहसीलदार की जमकर क्लास ली और उन्हें चेतावनी दी कि सूरज ढलने से पहले दीवार गिरकर हैंडपंप मुक्त होना चाहिए, वरना सस्पेंशन के लिए तैयार रहें।
लापरवाहों पर गिरी गाज Rewa News
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि आज की सुनवाई में करीब 525 आवेदनों पर विचार किया गया। ड्यूटी से नदारद रहने वाले दो अधिकारियों का वेतन काटने और नामांतरण व अनुकंपा नियुक्ति जैसे मामलों में फाइलें दबाकर बैठने वाले दो बाबुओं को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है।
फरियादियों ने ली राहत की सांस
रीवा में लंबे समय से चली आ रही ‘सिर्फ आवेदन लेने’ की परंपरा को तोड़ते हुए, कलेक्टर के इस ‘ऑन द स्पॉट’ फैसले की कार्यशैली ने आम जनता में नई उम्मीद जगाई है। कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा है कि शासन की संपत्ति पर कब्जा और आम जनता के हक को मारने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
