पुलिस ने स्टूडियो संचालक को राइफल और अधिकारी कि टोपी सौंपते हुए चुना अपना अधिकारी, क्षेत्र में फैली अशांति
गोपीगंज भदोही । खबर भदोही के गोपीगंज से है जहां पुलिस ने स्टूडियो संचालक को राइफल और अधिकारी कि टोपी सौंपते हुए चुना अपना अधिकारी, क्षेत्र में फैली अशांति जानकारी के मुताबिक बताते चले कि गोपीगंज बाजार में वर्मा स्टूडियो के नाम से संचालित करने वाला स्टूडियो संचालक अंकित पाठक उर्फ शुभम हमेशा सुर्खियों में बना रहता है कभी आम राहगीरों से हाथा पाई तो कभी स्थानीय लोगों को पुलिसिया रौब दिखा कर लोगो के ऊपर दवाब बनाता है और तो और अब यही स्टूडियो संचालक अंकित पाठक उर्फ शुभम पत्रकारों के ऊपर भी इसी पुलिसिया टोपी और राइफल वाला फोटो का स्टेटस दिखा कर उनके साथ मारपीट करते हुए मोबाईल छीनने का कार्य शुरू कर दिया है
आखिर करे भी क्यों ना जो साहब मेहरबान है इस स्टूडियो संचालक अंकित पाठक उर्फ शुभम के ऊपर तो हिंदी कि कहावत का चरितार्थ दिखता है कि अल्ला मेहरबान तो गदहा भी पहलवान क्योंकि ऐसा इस लिए कहां जा रहा है पत्रकारों के साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट कर मोबाईल छीनने वाली घटना को कारित किए स्टूडियो संचालक अंकित पाठक उर्फ शुभम को 48 घंटो से ज्यादा बीत जाने के बाद भी पुलिस ने ना तो पत्रकारों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर मुकदमा दर्ज किया ना ही पत्रकारों का मेडिकल कराया बल्कि स्टूडियो संचालक अंकित पाठक उर्फ शुभम को अपनी गोद में बैठाया है
आखिर अब सवाल यह भी उठता है कि पुलिस कि ऐसी क्या मजबूरी है जो एक स्टूडियो संचालक अंकित पाठक उर्फ शुभम को अपनी राइफल ,टोपी ,और गाड़ी भी सौंप दी है अब यहां सवाल यह भी उठता है कि क्या पुलिस जानबूझकर स्टूडियो संचालक अंकित पाठक उर्फ शुभम को पुलिसिया गुंडा बनाकर रखा कि वह चौथे स्तंभ के आवाज को दबा कर रखे जिससे पुलिस को सच का आईना पत्रकार ना दिखा पाए
वही आज पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी से मिलकर स्टूडियो संचालक अंकित पाठक उर्फ शुभम द्वारा पत्रकारों से मारपीट और मोबाईल छीनने वाली घटना कि शिकायत करते मुकदमा दर्ज करने कि मांग कि और तो और स्टूडियो संचालक अंकित पाठक उर्फ शुभम कि पुलिसिया टोपी और राइफल के साथ वाली फोटो पर भी चर्चा किया जिससे वह समाज में भय का माहौल बना कर रखा है अब देखना यह होगा कि क्या गोपीगंज पुलिस स्टूडियो संचालक अंकित पाठक उर्फ शुभम के ऊपर पत्रकारों के साथ मारपीट और मोबाईल छीनने के मुकदमे के साथ – साथ पुलिस कि टोपी और राइफल वाली फोटो पर भी कानूनी शिकंजा कसती है या नहीं ।
