Rewa News: रीवा में पति की दूसरी शादी पर लगा ब्रेक, 400 किलोमीटर दूर से पुलिस लेकर पहुंची पत्नी
मप्र के रीवा जिले में एक दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है, जहां बैकुंठपुर थाना पुलिस की तत्परता से एक महिला की जिंदगी बर्बाद होने से बच गई। पति की दूसरी शादी होने ही वाली थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने दखल देकर न सिर्फ शादी रुकवाई, बल्कि पति-पत्नी के बीच सुलह भी करा दी। इस पहल से एक मासूम बच्चे का भविष्य भी सुरक्षित हो गया।
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ के पेंड्रा क्षेत्र की रहने वाली सरस्वती मानसी अपने एक महीने के बच्चे को गोद में लेकर करीब 400 किलोमीटर का सफर तय कर रीवा के बैकुंठपुर थाने पहुंची। महिला ने बताया कि उसकी शादी 30 अप्रैल 2025 को रीवा जिले के ग्राम सलैया निवासी राहुल तिवारी से हुई थी।
शादी के कुछ समय बाद ही पति उसे छोड़कर अपने गांव लौट गया और फिर वापस नहीं आया। महिला लगातार संपर्क करने की कोशिश करती रही, लेकिन उसे टालमटोल जवाब ही मिलता रहा।
दूसरी शादी की खबर से मची हलचल
महिला ने पुलिस को बताया कि उसे एक अनजान नंबर से कॉल आया, जिसमें बताया गया कि उसका पति दूसरी शादी कर रहा है। पहले तो उसे भरोसा नहीं हुआ, लेकिन जब उसने खुद जांच की तो सच्चाई सामने आ गई।
उसने आरोप लगाया कि 25 अप्रैल को तिलक हो चुका था और 27 अप्रैल 2026 को बारात निकलने वाली थी। पति से बात करने पर वह खुद को बीमार बताता रहा और सच्चाई छिपाता रहा।
मासूम बच्चे के साथ न्याय की गुहार
महिला ने बताया कि वह एक महीने के बच्चे के साथ दर-दर भटक रही थी। उसने पुलिस से गुहार लगाई कि किसी भी तरह इस शादी को रोका जाए, वरना उसकी जिंदगी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।
महिला का कहना था कि उसने दया दिखाकर शादी की थी, क्योंकि युवक ने आत्महत्या की धमकी दी थी, लेकिन अब वही उसे छोड़कर दूसरी शादी कर रहा था।
पुलिस ने तुरंत लिया एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैकुंठपुर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। थाना प्रभारी श्रृंगेर सिंह राजपूत ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर राहुल तिवारी को थाने में बुलाया।
दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूरी बात सुनी गई और समझाइश दी गई। समझाइश के बाद पति ने मानी गलती
पुलिस और परिवार के दबाव के बाद राहुल तिवारी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उसने माना कि वह परिवार के दबाव में आकर दूसरी शादी करने जा रहा था।
हालांकि, बाद में उसने फैसला लिया कि वह अपनी पहली पत्नी और बच्चे के साथ ही रहेगा। उसने थाने में लिखित रूप से यह भी दिया कि वह भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेगा।
समझौते के बाद साथ लौटा परिवार
दोनों पक्षों की सहमति के बाद थाने में समझौता कराया गया। पति-पत्नी ने साफ कहा कि वे अब साथ रहना चाहते हैं और किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते।
इसके बाद पुलिस ने दोनों को सुरक्षित उनके घर भेज दिया। परिवार के सदस्यों ने भी भरोसा दिलाया कि महिला को अब पूरा सम्मान मिलेगा।
एक परिवार टूटने से बचा
अगर समय रहते पुलिस हस्तक्षेप नहीं करती, तो यह मामला एक बड़े विवाद में बदल सकता था। लेकिन सही समय पर उठाए गए कदम ने एक परिवार को टूटने से बचा लिया।
क्यों खास है यह मामला?
400 KM दूर से महिला बच्चे को लेकर पहुंची
दूसरी शादी ऐन वक्त पर रोकी गई
पुलिस ने सुलह कराकर परिवार जोड़ा
मासूम बच्चे का भविष्य सुरक्षित हुआ
रीवा का यह मामला सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक सीख भी है। यह दिखाता है कि अगर समय पर सही कदम उठाया जाए और प्रशासन संवेदनशीलता दिखाए, तो कई जिंदगियां बर्बाद होने से बच सकती हैं।
पुलिस की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि कानून के साथ-साथ इंसानियत भी उतनी ही जरूरी है।
