क्राइम

Viral stories: नादा जूली की कहानी इंसानियत शर्मसार: प्रसव से ठीक पहले गर्भवती डॉग को सड़क पर छोड़ा, अब दिया 14 बच्चों को जन्म

Share With Others

 

Viral stories: जहाँ एक ओर समाज में पशु क्रूरता की खबरें दिल दहला देती हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग आज भी इंसानियत की मिसाल पेश कर रहे हैं। मामला एक बेसहारा गर्भवती डॉग ‘नादा जूली’ का है, जिसे प्रसव से ऐन वक्त पहले मरने के लिए सड़क पर छोड़ दिया गया था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

क्रिसमस की रात और लाचारी की इंतहा और ठंड का मौसम

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

कड़ाके की ठंड और क्रिसमस की पूर्व संध्या पर जब लोग जश्न की तैयारी कर रहे थे, तब ‘नादा जूली’ को एक शेल्टर होम के बाहर लावारिस फेंक दिया गया। वह 9 सप्ताह की गर्भवती थी और कमजोरी के कारण अपने पैरों पर खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। शेल्टर होम के कर्मचारियों ने जब उसे देखा तो वह बुरी तरह कांप रही थी और इंसानों के डर से डरी-सहमी थी।

See also  Win a Free Spot in Modern WordPress Fast Track

एक साथ 14 नन्हे मेहमानों का ‘चमत्कार’
शेल्टर होम के वॉलंटियर्स ने जूली को न केवल सहारा दिया, बल्कि उसकी उचित देखभाल भी की। अल्ट्रासाउंड में पता चला कि उसके पेट में कई बच्चे हैं। पूरी रात डॉक्टरों और वॉलंटियर्स की टीम जूली की निगरानी करती रही। जूली ने हार नहीं मानी और एक साथ 14 स्वस्थ पिल्लों को जन्म देकर सबको हैरान कर दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘मां की मुस्कान’

बच्चों के जन्म के बाद जूली के चेहरे पर जो सुकून और ‘मुस्कुराहट’ दिखी, उसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। शेल्टर होम के सदस्यों का कहना है कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि इतनी कमजोरी और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मां और उसके सभी 14 बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं।

See also  Rewa news: रीवा में खौफ का अंत: 'साइको क्रिमिनल' मनीष यादव सलाखों के पीछे, सुबह की सैर अब सुरक्षित!

समाज के लिए बड़ा संदेश

यह घटना उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो पालतू जानवरों को बीमार या गर्भवती होने पर बोझ समझकर सड़कों पर फेंक देते हैं। ‘नादा जूली’ की यह कहानी हमें सिखाती है कि यदि थोड़ा सा प्यार और सहारा मिले, तो बेजुबान भी मौत को मात दे सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *