Indian histri इतिहास आईना है, वर्तमान का बहाना नहीं अतीत के अधर्म से वर्तमान के अधर्म को उचित ठहराने के बजाय उससे सीख लेकर न्याय, सुचिता और नैतिकता की नई कार्य संस्कृति गढऩी होगी
Indian histri: इतिहास मनुष्य और समाज की स्मृतियों का संकलन भर नहीं है। इतिहास वह आईना है, जिसमें सभ्यताएं अपने उत्थान और पतन, अपने आदर्श और विचलन, अपनी उपलब्धियां और अपनी भूलें देख सकती हैं। इतिहास के पन्नों में जहां त्याग, तपस्या, संघर्ष, न्याय और मानवीय मूल्यों की गौरवगाथाएं दर्ज हैं, वहीं अधर्म, अन्याय, अत्याचार,… आगे पढ़ें »