क्राइमरीवा संभाग

रीवा पुलिस को एक महिला से मिला इनाम; ऑटो में छूट गया था कीमती बैग, तब संकटमोचन बने सिपाही कुछ ही घंटों में ढूंढ निकाला 

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रीवा में एक बार फिर पुलिस की सतर्कता और ईमानदारी की मिसाल देखने को मिली है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक महिला द्वारा ऑटो में छूटे सोने-चांदी के आभूषणों से भरे बैग को पुलिस ने न केवल बरामद किया, बल्कि उसे सुरक्षित उसके मालिक तक पहुंचाकर मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय भी दिया।

यह घटना पुराने बस स्टैंड इलाके की है, जहां आवेदिका अंजना द्विवेदी का आभूषणों से भरा बैग ऑटो में ही छूट गया था। बैग में सोने और चांदी के कीमती जेवरात रखे हुए थे, जिसके गुम होने से महिला काफी परेशान हो गईं। उन्होंने तुरंत सिविल लाइन थाना पहुंचकर मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी।

इस पूरी कार्रवाई का संचालन जिले के पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह के निर्देशन में किया गया। उनके मार्गदर्शन में सिविल लाइन थाना पुलिस ने तेजी से काम करते हुए सबसे पहले घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। फुटेज खंगालने पर संबंधित ऑटो की पहचान की गई, जिससे आगे की कार्रवाई आसान हो गई।

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थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ऑटो चालक तक पहुंच बनाई और उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान बैग की जानकारी मिली और अंततः पुलिस ने सफलतापूर्वक आभूषणों से भरा बैग बरामद कर लिया। इस पूरी कार्रवाई में आरक्षक जावेद खान, अनंत शर्मा और हरिओम पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस द्वारा बरामद किया गया बैग पूरी तरह सुरक्षित था, जिसमें रखे सभी आभूषण भी सही-सलामत मिले। इसके बाद पुलिस ने विधिवत प्रक्रिया पूरी करते हुए बैग को उसकी मालिक अंजना द्विवेदी को सौंप दिया। अपने कीमती सामान को वापस पाकर महिला बेहद भावुक हो गईं और उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

खुशी और कृतज्ञता के भाव में अंजना द्विवेदी ने पुलिस टीम को अपनी ओर से नगद राशि इनाम के रूप में भी प्रदान की। हालांकि पुलिस के लिए यह केवल कर्तव्य का निर्वहन था, लेकिन आम नागरिकों के लिए यह भरोसे का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।

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इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि अगर समय रहते पुलिस को सूचना दी जाए और तकनीक का सही उपयोग किया जाए, तो मुश्किल से मुश्किल मामलों को भी सुलझाया जा सकता है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से अपराध और घटनाओं की जांच अब पहले से अधिक प्रभावी हो गई है, और इस केस में भी इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला।

रीवा पुलिस की इस तत्परता और ईमानदारी की स्थानीय लोगों द्वारा भी सराहना की जा रही है। यह घटना न केवल पुलिस की कार्यशैली को दर्शाती है, बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करती है।

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