Rewa news: रीवा , रीवा केवार्ड 25 विवेका नंद नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दो साल का मासूम बच्चा खुले नाले में बह गया। यह घटना नगर निगम प्रशासन की घोर लापरवाही और अतिक्रमण की समस्या को एक बार फिर उजागर करती है।
रीवा में लगातार दो दिनों हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदी नाले उफान पर है जिसकी बजह से नाले में पानी का बहाव तेज था जिसकी बजह से 2 साल का मासूम नाले में बह गया इस घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुँची अमहिया पुलिस की टीम , बच्चे की तलाश में जुट गई है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
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अब तक नही पहुची एस डी आर एफ की टीम
यह दुखद मामला विद्या स्थली स्कूल के पास का है। जहा दो साल का रुद्रांश गुप्ता पिता दीपचंद गुप्ता जो गोरगी गाँव से अपनी नानी के घर विवेका नंद नगर वार्ड 25 में चार दिन पहले ही आया था, आज गुरुवार की दोपहर घर के बाहर पेसाब करने निकला था। बताया जा रहा है कि पेशाब करने के लिए वह नाले के पास गया और अचानक उसका पैर फिसल गया। देखते ही देखते वह नाले के तेज बहाव में बह गया। जब तक परिवार को कुछ समझ आता, बच्चा लापता हो चुका था।
बच्चे के नाले में बहने की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। तुरंत अमहिया पुलिस को सूचना दी गई, और पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। लेकिन इस घटना ने स्थानीय लोगों को आक्रोशित कर दिया है। लोगों ने खुले तौर पर नगर निगम प्रशासन की लापरवाही को इसका जिम्मेदार ठहराया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिस नाले में बच्चा बहा, वहाँ कई जगह अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया था। इस अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा, नगर निगम ने नाले पर न तो कोई सुरक्षा व्यवस्था की है और न ही किसी तरह के सुरक्षा घेरे का इंतजाम किया था। बारिश के मौसम में ऐसे खुले नाले मौत का कुआँ बन जाते हैं, और आज उसी लापरवाही का शिकार एक मासूम बच्चा हो गया।
बढ़ता आक्रोश और उठते सवाल
रुद्रांश के परिवार और आसपास के लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने नालों पर सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया होता और अवैध कब्जों को हटाया होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की उदासीनता और गैर-जिम्मेदारी का सीधा परिणाम है।
सवाल यह है कि क्या नगर निगम किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा था? क्या बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता में नहीं है इस घटना के बाद भी क्या प्रशासन अपनी लापरवाही से कोई सबक लेगा फिलहाल, पुलिस और बचाव दल रुद्राक्ष की तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि कम से कम अब तो प्रशासन की नींद टूटेगी और वे ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर गंभीरता से काम करेंगे, ताकि भविष्य में ऐसी कोई और दुखद घटना न हो।
Sdrf की टीम नदारद
स्थानीय लोगों का आरोप है की सूचना देने की बाद भी एसडीआरएफ की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी अगर समय रहते SDRF की टीम मौके पर पहुंच जाती तो नाले में बहे बच्चे का कुछ ना कुछ पता जरूर चल पाता मगर वह नाला रीवा के बिछिया बीहर नदी में मिला हुआ है लोगों का कहना है कि बच्चा हो सकता है इस नाले के माध्यम आगे तक बह गया हो जिसका अब तक कुछ पता नहीं चला है।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
