Rewa news: खेती में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा रोटावेटर, गहरी जुताई और खरपतवार नियंत्रण में सबसे कारगर

0
20260413_215738
Share With Others

 Rewa news: ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार खेती है और वर्तमान में खेती के आधुनिकीकरण के साथ इसका तेजी से यंत्रीकरण हो रहा है। आज के दौर में खेतों की जुताई का कार्य लगभग शत-प्रतिशत ट्रैक्टरों के माध्यम से संपन्न हो रहा है। ट्रैक्टर से संचालित होने वाले विभिन्न कृषि उपकरणों में रोटावेटर किसानों के लिए सबसे अधिक उपयोगी साबित हो रहा है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए उप संचालक कृषि यूपी बागरी ने बताया कि ट्रैक्टर के माध्यम से संचालित होने वाला रोटावेटर और रोटरी टिलर्स खेतों की गहरी जुताई करने के साथ-साथ खरपतवार को पूरी तरह नष्ट करने में सक्षम हैं। रोटावेटर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि किसान अपनी सुविधा और जमीन की आवश्यकता के अनुसार जुताई की गहराई स्वयं निर्धारित कर सकते हैं।
इसके उपयोग से फसलों के अवशेष यानी नरवाई और अन्य खरपतवार छोटे-छोटे टुकड़ों में कटकर मिट्टी में मिल जाते हैं। बारिश के बाद मिट्टी में दबे ये अवशेष सड़कर प्राकृतिक हरी खाद का रूप ले लेते हैं। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, बल्कि जमीन की जलधारण क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। धान की रोपाई के पूर्व खेत को समतल करने और पडलिंग (मचाई) के कार्य के लिए भी रोटावेटर एक बेहतरीन विकल्प है।

तकनीकी पक्ष पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि रोटावेटर का उपयोग 35 हार्सपावर से 55 हार्सपावर तक के ट्रैक्टरों में सबसे अधिक प्रभावशाली होता है। कार्यक्षमता के मामले में रोटावेटर से सामान्य रूप में मात्र तीन घंटे के भीतर एक हेक्टेयर खेत की जुताई पूरी की जा सकती है। वर्तमान में बाजार में रोटावेटर के कई आधुनिक मॉडल उपलब्ध हैं, जिन्हें किसान अपनी जरूरत के हिसाब से चुन सकते हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि विभाग द्वारा रोटावेटर की खरीदी पर अनुदान यानी सब्सिडी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है, जिसका लाभ किसान उठा सकते हैं।

हरित प्रवाह के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed