Rewa news: RTI की ‘सुनवाई’ या तानाशाही का अखाड़ा गंगेव जनपद CEO की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
Rewa news: आरटीआई कार्यकर्ता को घंटों कराया इंतज़ार, फिर ‘निजता’ का हवाला देकर जानकारी देने से किया इनकार
रीवा जिले की गंगेव जनपद कार्यालय में हंगामा: जनपद CEO की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, भ्रष्टाचार और तानाशाही के गंभीर आरोप
रीवा जिले में सूचना के अधिकार (RTI) कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ताजा मामला गंगेव जनपद पंचायत कार्यालय का है, जहां एक आरटीआई कार्यकर्ता और जनपद सीईओ के बीच तीखी बहस के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। आवेदक ने सीईओ पर अनुशासनहीनता, तानाशाही और वित्तीय अनियमितताओं को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, आवेदक को नियमानुसार सुबह 11 बजे सुनवाई के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि मात्र 15-20 मिनट की प्राथमिक सुनवाई के बाद सीईओ करीब दो घंटे तक गायब रहीं। जब आवेदक ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और अपना पक्ष रखा, तो कथित तौर पर नए-नए मनगढ़ंत नियमों का हवाला देकर जानकारी देने से मना कर दिया गया। हद तो तब हो गई जब सुरक्षा के लिए लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को ‘निजता का उल्लंघन’ बताकर साझा करने से इनकार कर दिया गया।
कागज फाड़कर फंसाने की साजिश का आरोप
RTI कार्यकर्ता व समाजसेवी प्रकाश तिवारी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि कार्यालय के भीतर उन्हें साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की गई। उनके अनुसार, “मेरे खिलाफ झूठा मामला बनाने के लिए सरकारी कागज फाड़ने तक की योजना थी, लेकिन उनकी हिम्मत नहीं हुई।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कानून और संविधान के दायरे में रहकर अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
विधायक और प्रशासन को दी खुली चेतावनी
यह मामला अब व्यक्तिगत न होकर वर्चस्व की लड़ाई की ओर बढ़ता दिख रहा है। आवेदक ने मँनगवा व गंगेव के जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे चुप बैठने वाले नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जल्द ही उनकी पूरी टीम सक्रिय होगी और व्यवस्था के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।
शिकायतकर्ता ने रीवा कमिश्नर, कलेक्टर और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जिले में अधिकारियों की तानाशाही पर लगाम लगाई जाए। साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपील की गई है कि प्रदेश की जर्जर प्रशासनिक व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए ताकि आम जनता को न्याय मिल सके।
