Collector ka action; मध्य प्रदेश के सीधी जिले में प्रशासनिक कसावट के बीच एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। रीवा जिले में हुई हालिया सख्त कार्रवाई के बाद अब सीधी कलेक्टर के निर्देशन में जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी पर शिकंजा कसा गया है। तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी जनगणना, गोपद बनास द्वारा एक प्रगणक को राष्ट्रीय कार्य में असहयोग करने के चलते कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, भारत की राष्ट्रीय जनगणना-2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य शुरू किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए शासकीय हाई स्कूल उपनी में पदस्थ उच्च माध्यमिक शिक्षक अजय मिश्रा को प्रगणक नियुक्त किया गया था। उन्हें मकान सूचीकरण ब्लॉक क्रमांक 0060 बौड़हा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रशासन का आरोप है कि संबंधित शिक्षक द्वारा जनगणना कार्य करने से स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया गया, जिससे इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में बाधा उत्पन्न हुई है।
प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 5 एवं 11 के तहत जनगणना कार्य में सहयोग करना प्रत्येक नियुक्त कर्मचारी का विधिक दायित्व है। इस कार्य से इंकार करना न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि दंडनीय अपराध की श्रेणी में भी आता है।
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तहसीलदार ने संबंधित कर्मचारी को निर्देश दिए हैं कि वह 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। नोटिस में कड़ी चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा में जवाब प्राप्त नहीं होता या जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता, तो जनगणना अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई से जिले के अन्य सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
