चलती ट्रेन में लूट और हमला: अभिनेत्री ज्योत्सना की आपबीती ने उठाए रेलवे सुरक्षा पर सवाल
कटनी आउटर पर चलती ट्रेन में लूटपाट, अभिनेत्री ज्योत्सना के साथ मारपीट, आंख पर गंभीर चोट; रेलवे सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
छत्तीसगढ़ की अभिनेत्री ज्योत्सना नाताकार के साथ एक दर्दनाक घटना सामने आई है। रीवा से बिलासपुर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में उनके साथ लूट और मारपीट की गई। यह घटना कटनी जंक्शन के आउटर इलाके में उस समय हुई जब ट्रेन कुछ समय के लिए रुकी थी।
ज्योत्सना ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि कुछ नकाबपोश बदमाश ट्रेन में चढ़े और अचानक यात्रियों पर हमला करना शुरू कर दिया। मोबाइल, पर्स और अन्य कीमती सामान लूटने की कोशिश की गई। लूटपाट में नाकाम होने पर बदमाशों ने ज्योत्सना के चेहरे पर मुक्का मारा, जिससे उनकी आंख और चेहरा बुरी तरह सूज गया।
“अगर ट्रेन में भी सुरक्षित नहीं हैं तो यात्री कहां जाएं?”
ज्योत्सना ने इमोशनल अपील करते हुए कहा, “अगर अब ट्रेनों में भी हम सुरक्षित नहीं हैं तो हम यात्रा कैसे करें? क्या अब हमारी जान की कीमत कुछ भी नहीं रही?”
उन्होंने बताया कि यह वारदात सिर्फ उनके साथ नहीं हुई, बल्कि S1 से S5 तक के कई डिब्बों में लूट और चोरी की घटनाएं एक साथ हुईं। इससे यह साफ है कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि संगठित गिरोह का काम है।
रेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के तुरंत बाद ज्योत्सना ने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल किया, लेकिन सुरक्षा बल न तो कटनी में पहुंचे और न ही किसी अन्य स्टेशन पर सहायता मिली। बिलासपुर पहुंचने के बाद भी जब उन्होंने शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, तो उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि शिकायत के लिए उन्हें कटनी जाकर एफआईआर दर्ज करानी होगी।
ज्योत्सना की प्रधानमंत्री और रेल मंत्री से अपील
“हम यात्री हैं, हम टिकट लेकर सफर कर रहे हैं, हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?” – यह सवाल करते हुए ज्योत्सना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री से कड़ा एक्शन लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है, ऐसे हादसे अक्सर होते हैं लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
“आज मेरी आंख पर चोट आई है, कल किसी की जान भी जा सकती है। क्या तब भी रेल विभाग चुप बैठेगा?” – अभिनेत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह घटना सिर्फ एक अभिनेत्री की नहीं, बल्कि देश के हर उस यात्री की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है जो ट्रेन से यात्रा करता है। अब वक्त है कि रेलवे प्रशासन लापरवाही छोड़कर यात्रियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।
