Sidhi news:सड़क पर गिरा बैग ई-रिक्शा चालक को मिला, पुलिस ने तलाश कर जेवरात सहित फरियादी को सौंपा
सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीधी कमला जोशी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी चुरहट एवं थाना प्रभारी रामपुर नैकिन के मार्गदर्शन में रामपुर नैकिन पुलिस ने तत्परता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आर्मी में हवलदार के पद पर पदस्थ एक जवान का लगभग ₹5 लाख मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात से भरा ट्रॉली बैग सुरक्षित वापस दिलाया।
हरित प्रवाह के साथ अपडेट रहें
फरियादी अमरकांत द्विवेदी, निवासी खैरा, चौकी खड्डी, थाना रामपुर नैकिन ने पुलिस को बताया कि वे श्रीनगर में आर्मी में हवलदार के पद पर पदस्थ हैं। वे अपनी पत्नी एवं परिवार के साथ निजी कार से घर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम शिकारगंज में सड़क पर कार के उछलने से डिक्की खुल गई और उसमें रखा लाल रंग का ट्रॉली बैग सड़क पर गिर गया। बैग में लगभग ₹5 लाख मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात एवं फरियादी तथा उनकी पत्नी के कपड़े रखे हुए थे।
सूचना मिलते ही देहात भ्रमण पर रवाना चौकी प्रभारी एएसआई नीरज कुमार एवं पुलिस टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। पुलिस टीम ने शिकारगंज बैरियर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का अवलोकन किया। फुटेज एवं मुखबिर से प्राप्त जानकारी के आधार पर घटना के समय वहां से गुजर रहे एक ई-रिक्शा की पहचान कर उसकी तलाश शुरू की गई।
पुलिस को जानकारी मिली कि संबंधित ई-रिक्शा ग्राम मोरा की ओर गया है। इसके बाद पुलिस टीम ने ग्राम मोरा में ई-रिक्शा चालक संदीप यादव, निवासी शिवपुरवा, जिला रीवा से संपर्क कर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान चालक ने सड़क पर ट्रॉली बैग मिलने की जानकारी दी और बैग पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने बैग में रखे सोने-चांदी के जेवरात एवं अन्य सामान सहित उसे फरियादी अमरकांत द्विवेदी के सुपुर्द कर दिया।
अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस मिलने पर फरियादी ने सीधी पुलिस की त्वरित कार्रवाई एवं संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
– एएसआई नीरज कुमार, चौकी प्रभारी खड्डी
– आरक्षक क्रमांक 81 रविन्द्र सिंह
– वाहन चालक सोनू साकेत
– ग्राम खैरा के पूर्व सरपंच दीपक सिंह
सीधी पुलिस आमजन से अपील करती है कि यात्रा के दौरान अपने सामान एवं वाहन की डिक्की को सुरक्षित रूप से बंद रखें। किसी का खोया हुआ सामान मिलने पर उसे संबंधित व्यक्ति अथवा निकटतम पुलिस थाने को सौंपकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें।

