Rewa news: संजय गांधी अस्पताल में बड़ी लापरवाही: डॉक्टर ने जीवित मरीज को घोषित किया मृत, अस्पताल पहुंचा ‘शव वाहन’ तो जीवित हुआ मुर्दा, परिजनों के हंगामे के बाद फिर चालू हुआ इलाज, डॉक्टरों ने बताया ‘लेजारस सिंड्रोम’ का दुर्लभ मामला
रीवा संजय गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही और गंभीर संवेदनहीनता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों द्वारा एक 80 वर्षीय गंभीर मरीज को मृत घोषित कर दिया गया, जिसके बाद परिजनों ने रोते-बिलखते हुए अंतिम संस्कार के लिए शव वाहन भी बुक कर लिया। हालांकि, ऐन वक्त पर जब मरीज के शरीर में हलचल और सांसें चलती दिखीं, तो अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
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Rewa news: शव वाहन से वापस ICU तक
प्रत्यक्षदर्शी और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र शुक्ला के अनुसार, मरीज को सांस की तकलीफ, लकवा और दिमाग की नसों में सूजन की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर ने जांच के बाद मरीज की पल्स और हार्ट रेट न मिलने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया और केस शीट बंद कर दी।
परिजनों ने भारी मन से शव को घर ले जाने के लिए शव वाहन को कॉल कर दिया। वाहन अस्पताल के मुख्य द्वार पर आ भी चुका था। इसी दौरान परिजनों ने देखा कि मरीज की छाती हिल रही है और सांसें चल रही हैं। परिजनों द्वारा बार-बार चिल्लाने पर प्रशासनिक अधिकारियों तक बात पहुंची।
मरीज की सांसें लगातार चल रही थीं। परिजन बार-बार चिल्ला रहे थे, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। जब हंगामा बढ़ा तब जाकर प्रशासनिक अमला हरकत में आया।”
Rewa news:अस्पताल में बाड़ाबंदी, मीडिया पर रोक
मामले की भनक मिलते ही CMO मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालते हुए मरीज को तुरंत कैजुअल्टी से निकालकर आईसीयू के वार्ड नंबर 3 में शिफ्ट कराया। हालांकि, इसके तुरंत बाद अस्पताल में भारी पुलिस बल और निजी गार्ड्स को तैनात कर दिया गया। मीडियाकर्मियों को कवरेज से रोका गया और आईसीयू को छावनी में तब्दील कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि सीएमओ ने मरीज के सभी मेडिकल कागजात अपने पास रख लिए हैं।
Rewa news: Cmo ने कहा ‘लेजारस सिंड्रोम’
मामले पर संजय गांधी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक व cmo पी के बघेल ने जूनियर डॉक्टरों की लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए इसे मेडिकल साइंस की एक दुर्लभ घटना बताया। मुख्य चिकित्सक ने कहा कि मरीज को ‘लेजारस सिंड्रोम’ हुआ हो सकता है।डॉक्टर के मुताबिक, इस सिंड्रोम में मरीज के शरीर की पल्स, बीपी और दिल की धड़कन कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद हो जाती है और फिर अचानक स्वतः चालू हो जाती है। वेंटिलेटर के एयर प्रेशर या इमरजेंसी दवाओं के देर से रिस्पॉन्स करने के कारण ऐसा हो सकता है।
Rewa news: NSUI ने घेरा अस्प्ताल पुलिस छावनी में तब्दील
जैसे ही इस बात की भनक यूथ कांग्रेस एनएसयूआई को लगी तो संजय गांधी अस्पताल में बवाल मच गया यूथ कांग्रेस अपने दलबल के साथ संजय गांधी अस्प्ताल परिसर के बाहर पहुंचकर वहीं धरने पर बैठ गए और हंगामा शुरू कर दिए यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने गंभीर आरोप लगाया कि संजय गांधी अस्पताल के नवागत अधीक्षक प्रियंक शर्मा SGMH में समय देने के बजाय अपनी निजी अस्पताल में मरीजों का उपचार कर रहे हैं उन्होंने बताया कि हमारे दो व्यक्ति वही उनके निजी अस्पताल जिसका नाम सिटी हॉस्पिटल है वही खड़े हैं और उन्होंने इस पूरे मामले का वीडियो भी अपने मोबाइल में कैप्चर किया है जहां संजय गांधी अस्पताल में अधीक्षक बनाए गए डॉक्टर प्रियंक शर्मा अपनी निजी सिटी हॉस्पिटल में मरीजों का उपचार कर रहे हैं और संजय गांधी अस्पताल में अधीक्षक कार्यालय में अधीक्षक की कुर्सी खाली नजर आई है इस बात की जानकारी लेने संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक कार्यालय मीडिया पहुंचती है तो वहां दोनों दरवाजों पर ताला लटकता दिखाई देता है जिससे साफ जाहिर होता है अस्पताल के अधीक्षक प्रियंक शर्मा अपनी ड्यूटी करने के बजाय अपनी निजी अस्पताल में मरीजों का उपचार कर रहे हैं कहीं न कहीं प्रशासन को इस विषय पर गौर करना चाहिए और डॉक्टर प्रियंक शर्मा को उन्हें अधीक्षक पद से मुक्त कर उन्हें निजी अस्पताल में सेवा देने के लिए फ्री हैंड कर देना चाहिए ।
Rewa news: तत्कालीन अधीक्षक राहुल मिश्रा का कार्यकाल रहा सराहनीय
Sgmh के तत्कालीन अधीक्षक डॉक्टर राहुल मिश्रा का कार्यकाल सराहनी रहा है वह समय से सुबह 10:00 बजे संजय का अस्पताल पहुंच जाते थे और शाम 6:00 बजे के बाद ही संजय गांधी अस्पताल से अपने घर की ओर रवाना होते थे कहीं ना कहीं प्रशासन से इस बात की चूक हुई जो उन्हें अधीक्षक के पद से हटा दिया गया है ।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
