Rewa news; खाकी का ‘संरक्षण’ या शराब माफिया का खौफ? आईजी के ‘नशामुक्त अभियान 2.0’ को बिछिया पुलिस दिखा रही ठेंगा!आईजी के अभियान का मजाक: मध्य प्रदेश के रीवा जिले से कानून व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और शराब माफिया के नापाक गठजोड़ को सरेआम बेनकाब कर दिया है। एक तरफ रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत पूरे संभाग में ‘नशामुक्त अभियान 2.0’ का ढिंढोरा पीट रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके अपने ही मातहत पुलिसकर्मी इस अभियान की पीठ में खंजर घोंप रहे हैं।
मामला रीवा शहर के बिछिया थाना क्षेत्र अंतर्गत लोही ब्रिज का है, जहाँ किसी की परवाह किए बिना, खुलेआम और डंके की चोट पर अवैध शराब का ‘समानांतर साम्राज्य’ चलाया जा रहा है।
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Rewa news; कैमरे पर माफिया की धौंस: “भटकना न पड़े, इसलिए खोल दी शराब की शाखा!
लोही ब्रिज के पास चल रहे इस अवैध धंधे का दुस्साहस तो देखिए! शराब माफिया अब छिपकर नहीं, बल्कि बकायदा दुकान किराये पर लेकर, शटर उठाकर मौत का यह सामान बेच रहे हैं।
जब मीडिया की टीम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर इस काले कारोबार को कैमरे में कैद करना शुरू किया, तो अवैध शराब दुकान पर मौजूद व्यक्ति के चेहरे पर न तो कानून का खौफ था और न ही पुलिस का डर
यह बिछिया शराब दुकान की ही शाखा है। हम तो जनता की सेवा कर रहे हैं ताकि ग्रामीणों को शराब के लिए भटकना न पड़े!
बड़ा सवाल: आबकारी विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाकर शहर के मुहाने पर यह ‘अवैध ब्रांच’ खोलने की अनुमति किसने दी? क्या रीवा में अब आबकारी विभाग नहीं, बल्कि शराब माफिया खुद तय करेंगे कि दुकान कहाँ खुलेगी?
Rewa news; थाना प्रभारी मैडम फोन नहीं उठाते, एसपी के कहने पर भी नहीं हिली बिछिया पुलिस
इस महाघोटाले और अवैध धंधे की लाइव तस्वीरें सामने आने के बाद मीडिया ने जब मौके से ही बिछिया थाना प्रभारी अंकित मिश्रा को फोन लगाया, तो अमूमन की तरह उनका फोन नहीं उठा। पुलिस की इस बेरुखी के बाद सीधे रीवा एसपी को मामले की जानकारी दी गई।
एसपी के हस्तक्षेप के बाद थाना प्रभारी अंकित मिश्रा ने पत्रकारों को वापस फोन तो किया, उन्हें वीडियो साक्ष्य और सटीक लोकेशन भी दी गई। लेकिन आश्चर्य की बात देखिए, सूचना मिलने के बाद भी बिछिया पुलिस ने मौके पर जाकर कार्रवाई करने की ज़हमत तक नहीं उठाई।
आखिर क्यों? क्या पुलिस को इस बात का इंतजार था कि माफिया अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर सुरक्षित निकल जाए? या फिर पुलिस खुद इस अवैध धंधे की हिस्सेदार बनी बैठी है
Rewa news; रीवा पुलिस से सीधे और तीखे सवाल:
संरक्षण या लाचारी: रीवा की जागरूक जनता यह जानना चाहती है कि बिछिया पुलिस शराब माफिया के सामने इतनी लाचार क्यों है? यह सिर्फ लापरवाही है या फिर हर महीने आने वाले ‘मोटे लिफाफे’ का असर?
Rewa news; आईजी के अभियान का मजाक:
जब आईजी गौरव राजपूत खुद नशामुक्त संभाग बनाने का दावा कर रहे हैं, तो उनके ठीक नाक के नीचे उनके अधीनस्थ अधिकारी इस अभियान को ठेंगा क्यों दिखा रहे हैं? क्या आईजी का खौफ बिछिया पुलिस में खत्म हो चुका है?
Rewa news; थाना प्रभारी पर कार्रवाई कब
सबूत हाथ में होने के बाद भी तत्काल एक्शन न लेने वाले थाना प्रभारी अंकित मिश्रा पर आला अधिकारी क्या कार्रवाई करेंगे।
सिस्टम की साख दांव पर
लोही ब्रिज के पास चल रही यह अवैध दुकान रीवा पुलिस के इकबाल पर एक करारा तमाचा है। वीडियो में दिख रहे पुख्ता सबूतों के बाद अब लीपापोती की कोई गुंजाइश नहीं बची है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि रीवा पुलिस के आला अधिकारी इस माफिया-पुलिस नेक्सस को तोड़ते हैं, या फिर हमेशा की तरह खाकी अपने ही दागदार साथियों को बचाने के लिए मामले को रफा-दफा कर देती है।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
