Rewa news: रीवा अपर सत्र न्यायालय ने एक बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले में सुनवाई करते हुए संगठित अपराध के तीन आरोपियों को दो अलग-अलग आपराधिक मामलों से पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया है। आरोपियों पर सौर ऊर्जा प्लांट में गिरोह बनाकर लगातार वारदातें करने का आरोप था, जिसमें उन्हें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती थी।
अभियोजन कहानी के अनुसार, रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र में स्थित सौर ऊर्जा प्लांट में लगातार आपराधिक घटनाएं सामने आ रही थीं। पुलिस का दावा था कि आरोपी विपिन पटेल, कृष्णकुमार और त्रिवेणी लोनिया ने मिलकर एक संगठित गिरोह बना रखा है, जो सुनियोजित तरीके से इन वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने इसे गंभीर श्रेणी का संगठित अपराध मानते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विचारण के लिए कोर्ट में पेश किया था।
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Rewa news; बचाव पक्ष की दलीलें रहीं भारी
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता साक्षी सिंह बघेल ने अदालत के समक्ष बेहद मजबूत कानूनी दलीलें पेश कीं। उन्होंने साक्ष्यों की कमी और अभियोजन की कहानी में मौजूद विरोधाभासों को रेखांकित करते हुए साबित किया कि आरोपियों पर लगाए गए संगठित अपराध के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
न्यालय ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद, अपर सत्र न्यायाधीश मनोहर दांगी के न्यायालय ने आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोनों आपराधिक मामलों से बरी करने का आदेश जारी किया। कोर्ट के इस निर्णय को बचाव पक्ष की वकील साक्षी सिंह बघेल की एक बड़ी कानूनी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
