MP News; एमपी में 4,000 शिक्षकों का बड़ा अपडेट: 3 साल बाद तय होगी पोस्टिंग, कल से भर सकेंगे स्कूल चॉइस फिलिंग
भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे समय से प्रतीक्षित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने राज्य के लगभग 4,000 चयनित माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए स्कूल चॉइस फिलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है।
जारी निर्देशों के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों को 12 मई से 18 मई 2026 के बीच ऑनलाइन माध्यम से अपने पसंदीदा स्कूलों का चयन (चॉइस फिलिंग) करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी।
लंबे इंतजार के बाद आगे बढ़ी प्रक्रिया
यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू की गई थी, लेकिन कई चरणों में परीक्षा और परिणाम की वजह से यह लगातार आगे बढ़ती रही। विभागीय जानकारी के अनुसार:
2022 में भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत हुई
2023 में पात्रता परीक्षा आयोजित की गई
अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा ली गई
सितंबर 2025 में अंतिम परिणाम जारी हुआ
इस परिणाम के बाद लगभग 10,700 अभ्यर्थियों की चयन सूची तैयार की गई, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया विभिन्न प्रशासनिक कारणों से आगे नहीं बढ़ पा रही थी। अब सरकार ने इसे गति देते हुए चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
स्कूल चयन प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि सभी चयनित अभ्यर्थियों को अपने-अपने संभाग या जिले के अंतर्गत आने वाले स्कूलों की सूची ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
अभ्यर्थियों को इन स्कूलों को अपनी प्राथमिकता के अनुसार क्रमबद्ध करना होगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि:
चॉइस फिलिंग केवल ऑनलाइन पोर्टल पर ही मान्य होगी
निर्धारित शुल्क जमा करना अनिवार्य है
बिना शुल्क जमा किए प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी
तय समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य
विभाग ने अभ्यर्थियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा में चॉइस फिलिंग प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उसे उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर ही स्कूल आवंटित किया जाएगा।
इस स्थिति में अभ्यर्थी को मनपसंद स्कूल मिलने की संभावना काफी कम हो सकती है। साथ ही विभाग ने यह भी साफ किया है कि बाद में किसी भी प्रकार के बदलाव या आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।
दस्तावेज सत्यापन अंतिम चरण में
चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन भी संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। यह प्रक्रिया नियुक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अधिकारियों के अनुसार:
जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेज सही पाए जाएंगे, उन्हें ही अंतिम नियुक्ति दी जाएगी
किसी भी प्रकार की अपात्रता पाए जाने पर नाम सूची से हटाया जा सकता है
सत्यापन प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार की जा रही है
इस प्रक्रिया के बाद ही अंतिम नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे।
भोपाल में प्रदर्शन के बाद तेज हुई प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को भोपाल स्थित DPI कार्यालय के सामने चयनित अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था। अभ्यर्थियों ने मांग की थी कि लंबे समय से अटकी नियुक्ति प्रक्रिया को तुरंत आगे बढ़ाया जाए।
प्रदर्शन के कुछ समय बाद ही विभाग ने चॉइस फिलिंग की तारीखों की घोषणा कर दी, जिससे यह प्रक्रिया आगे बढ़ी है। अभ्यर्थियों में लंबे समय से इस प्रक्रिया को लेकर असंतोष देखा जा रहा था।
मंत्री ने कहा – प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुसार
मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर कहा कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि:
“शिक्षक भर्ती पूरी तरह नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि सभी योग्य अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति मिले।”
विशेष पदों और स्कूल चयन का दायरा
इस भर्ती में केवल सामान्य शिक्षक ही नहीं, बल्कि विभिन्न विशेष विषयों के पद भी शामिल हैं, जिनमें:
प्राथमिक शिक्षक
माध्यमिक शिक्षक (विभिन्न विषय)
खेल शिक्षक
संगीत शिक्षक
गायन-वादन और नृत्य शिक्षक
इन सभी श्रेणियों के लिए अलग-अलग स्कूलों में नियुक्ति की प्रक्रिया की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्तियों का प्रभाव
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का सबसे बड़ा असर ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ने की उम्मीद है। लंबे समय से कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या बनी हुई है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, नई नियुक्तियों से:
ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा
विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञ शिक्षक मिल सकेंगे
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रक्रिया राज्य के शिक्षा ढांचे के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव नियुक्ति के बाद ही दिखाई देगा।
विशेषज्ञों के अनुसार:
“यदि नियुक्ति और पोस्टिंग प्रक्रिया पारदर्शी रहती है, तो यह राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।”
आगे क्या होगा?
चॉइस फिलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग द्वारा:
स्कूल आवंटन सूची जारी की जाएगी
अंतिम नियुक्ति आदेश तैयार किए जाएंगे
जॉइनिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी
अधिकारियों का मानना है कि यदि प्रक्रिया समय पर पूरी होती है, तो जल्द ही चयनित अभ्यर्थियों को स्कूलों में पदस्थ किया जा सकेगा।
मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। लंबे इंतजार और कई चरणों के बाद अब चयनित अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय शुरू हो गया है। आने वाले एक सप्ताह में चॉइस फिलिंग तय करेगी कि किस अभ्यर्थी को कौन सा स्कूल मिलेगा और उसकी नियुक्ति कहां होगी।
यह प्रक्रिया न केवल अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
