Mauganj News; मऊगंज में बुलडोजर कार्रवाई के बीच कलेक्टर–पूर्व विधायक आमने-सामने, आंधी-बारिश में हुआ संवाद, 125 परिवारों के पुनर्वास का भरोसा
मऊगंज: जिले में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर नया विवाद सामने आया है। शनिवार को वार्ड क्रमांक 11 में गरीब आदिवासी परिवारों के करीब 7 मकानों पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद मामला गरमा गया। प्रभावित परिवारों ने अपनी शिकायत लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना से गुहार लगाई।
सूचना मिलते ही पूर्व विधायक मौके पर पहुंचे और पीड़ितों की बात सुनकर कलेक्टर संजय कुमार जैन से चर्चा की। इसी दौरान सोमवार को जब कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी मौके पर पहुंचे, तब अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज आंधी-बारिश शुरू हो गई। इस दौरान कलेक्टर और एसपी वाहन में बैठ गए, जबकि पूर्व विधायक बाहर खड़े रहे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों प्रभावित परिवार – Mauganj News
मौके पर अधूरी रह गई चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए पूर्व विधायक बन्ना के नेतृत्व में सैकड़ों प्रभावित परिवार कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने एक-एक कर अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें वैकल्पिक आवास या जमीन उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक उनके मकान न तोड़े जाएं। पूर्व विधायक ने भी प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि विकास कार्यों का विरोध नहीं है, लेकिन विस्थापन की प्रक्रिया मानवीय और योजनाबद्ध होनी चाहिए।
125 परिवारों के पुनर्वास का आश्वासन – Mauganj News
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संजय कुमार जैन ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि करीब 125 परिवारों के पुनर्वास के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय के विकास के लिए बन रहे कलेक्ट्रेट, एसपी कार्यालय, जिला पंचायत और कोर्ट भवन के दायरे में ये परिवार आ रहे हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिवार को बिना पुनर्वास के नहीं हटाया जाएगा। सभी प्रभावितों को नई जगह पर भूमि का मालिकाना हक (पट्टा) दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलेंगे नए मकान – mauganj news
प्रशासन के अनुसार, प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही नए विस्थापन स्थल पर सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे।
आंधी बारिश के बीच संवाद
जिले में प्रशासन की कार्रवाई के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज आंधी-बारिश के दौरान कलेक्टर संजय कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी अपनी गाड़ी में बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना उनकी गाड़ी के बाहर खड़े होकर भीगते दिखाई दे रहे हैं।
यह वीडियो उस समय का बताया जा रहा है जब वार्ड 11 में आदिवासी परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद पूर्व विधायक प्रभावितों के साथ मौके पर पहुंचे थे और प्रशासन से बात कर रहे थे।
प्रशासन की चुनौती: विकास vs पुनर्वास
यह पूरा मामला अब “विकास बनाम पुनर्वास” की बहस में बदलता दिख रहा है। एक तरफ जिला मुख्यालय को विकसित करने के लिए बड़े सरकारी भवन बनाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि विकास कार्यों को समय पर पूरा करते हुए प्रभावित परिवारों को भी समय पर सुरक्षित और सम्मानजनक पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए।
आगे क्या हो सकता है?
आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि:
प्रभावित परिवारों की संख्या अधिक है
सोशल मीडिया पर वीडियो लगातार वायरल हो रहा है
राजनीतिक बयानबाजी तेज हो सकती है
यदि पुनर्वास प्रक्रिया में देरी होती है या पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं, तो विरोध और बढ़ सकता है।
