Rewa news: बिछड़े लाल को मिलाया: अमहिया पुलिस की मुस्तैदी से उजड़ने से बचा परिवार, मासूम की सुरक्षित वापसी SP ने थपथपाई टीम की पीठ
Rewa news: रीवा। विंध्य की धरा पर जब पुलिस और जनता के बीच विश्वास का सेतु बनता है, तो न्याय की जीत निश्चित होती है। रीवा के अमहिया मोहल्ले में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक 3 साल का मासूम घर के बाहर से अचानक लापता हो गया। अपहरण की इस खबर ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था, लेकिन पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन और अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल व उनके पुलिस टीम की जांबाजी ने महज कुछ ही घंटों में इस गुत्थी को सुलझाकर मासूम को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
Rewa news: चीखों से दहल उठा था मोहल्ला
शाम अमहिया मोहल्ले में सन्नाटा तब टूट गया जब एक मां की चीखें गूंजीं। उसका 3 साल का बेटा जो घर के बाहर खेल रहा था, अचानक गायब हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, मोहल्ले के लोग सहमे हुए थे और हर तरफ अनहोनी की आशंका गहरा रही थी।
थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल की त्वरित कार्रवाई
जैसे ही मामले की सूचना अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल को मिली, उन्होंने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने बिना देरी किए इलाके के चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। थाना प्रभारी ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए स्थानीय लोगों से संवाद किया और तकनीक के साथ-साथ जन-सहयोग का भी सहारा लिया।

भावुक कर देने वाला मिलन
सीसीटीवी फुटेज और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस की मुस्तैदी के कारण बच्चे को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया। जैसे ही पुलिस की गाड़ी मासूम को लेकर मोहल्ले में पहुंची, वहां मौजूद भीड़ और परिजनों के चेहरे पर राहत के भाव तैर गए।
जब पुलिस टीम ने मासूम को उसकी मां की गोद में सौंपा, तो पूरा माहौल भावुक हो उठा। मां ने रोते हुए थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल व उनकी पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। मोहल्ले वासियों ने पुलिस के इस शानदार कार्य की सराहना करते हुए इसे रीवा पुलिस की बड़ी उपलब्धि बताया।
अपराधियों को सख्त चेतावनी
पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह ने इस सफल ऑपरेशन के लिए अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल व उनकी पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रीवा पुलिस अपराधियों के विरुद्ध जितनी कठोर है, आम जनता के लिए उतनी ही संवेदनशील। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यदि पुलिस मुस्तैद हो, तो कोई भी अपराधी कानून के हाथों से बच नहीं सकता।
