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मऊगंज के आदिसरई में बनेगा पर्यटन स्थल: महादेवन मंदिर-कुंड की अनोखी मान्यता कलेक्टर के निर्देश, जल्द पहुंच सकते है आमादरी 

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मऊगंज जिले के ग्रामीण अंचल में स्थित ग्राम पंचायत गढ़वा के आदिसरई गांव का प्राचीन महादेवन मंदिर और कुंड अब जल्द ही धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर उभरने वाला है। कलेक्टर श्री संजय कुमार जैन ने हाल ही में इस स्थल का निरीक्षण कर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। उनके इस फैसले से स्थानीय लोगों में उत्साह की लहर है, वहीं श्रद्धालुओं के लिए भी यह बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है। कलेक्टर जिले के सभी ऐसे अदभुद स्थान पहुंचकर निरीक्षण करेंगे, जल्द ही हनुमना स्थित आमादरी भी पहुंच सकते है।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री जैन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महादेवन मंदिर और कुंड क्षेत्र के समुचित विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि यह स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता और रहस्यमयी मान्यताओं के कारण भी पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखता है। प्रशासन का लक्ष्य है कि यहां मूलभूत सुविधाएं विकसित कर इसे एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाया जाए।

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आदिसरई स्थित महादेवन मंदिर की मान्यता दूर-दूर तक फैली हुई है। विशेष रूप से सावन (श्रावण) महीने में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए दूर-दराज के गांवों और जिलों से यहां पहुंचते हैं। सावन में यहां भव्य मेले का आयोजन भी होता है, जो इस क्षेत्र की आस्था और परंपरा को दर्शाता है।

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इस मंदिर से जुड़ी कई अद्भुत और रहस्यमयी मान्यताएं भी लोगों को आकर्षित करती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक नाग देवता प्रतिदिन सुबह सबसे पहले भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं। कई श्रद्धालुओं ने सुबह-सुबह नाग देवता के दर्शन होने का दावा भी किया है, जिससे इस स्थल की आस्था और गहरी हो जाती है।

इसके अलावा यहां स्थित कुंड भी अपने आप में एक अनोखी विशेषता रखता है। कहा जाता है कि कुंड में पानी भरने के बावजूद शिवलिंग कभी पूरी तरह डूबता नहीं है। बरसात के मौसम में जब जलस्तर बढ़ जाता है, तब भी शिवलिंग सुरक्षित रहता है और उसे किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता। यह घटना श्रद्धालुओं के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं मानी जाती।

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एक और विशेष बात यह है कि पूरे साल शिवलिंग के ऊपर लगातार बूंद-बूंद पानी टपकता रहता है, जिसे भक्त भगवान की कृपा का प्रतीक मानते हैं। यही कारण है कि यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।

स्थानीय लोगों के साथ-साथ मऊगंज, सीधी और रीवा जिलों के हजारों श्रद्धालुओं की इस स्थल पर गहरी आस्था जुड़ी हुई है। अब जब प्रशासन ने इसे विकसित करने की पहल शुरू कर दी है, तो आने वाले समय में यह स्थान प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।

अगर आप भी आस्था, प्रकृति और रहस्य का अद्भुत संगम देखना चाहते हैं, तो जल्द पहुंचें आदिसरई का महादेवन मंदिर। यहां की अलौकिक अनुभूति और दिव्य वातावरण आपको एक अलग ही शांति और ऊर्जा का एहसास कराएगा।

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