MP Cabinet Decision; मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा फैसला, किसानों को अब मिलेगा 4 गुना मुआवजा, इस जिले में 969 करोड़ की सिंचाई परियोजना
MP Cabinet Decision; मध्यप्रदेश में किसानों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कृषि भूमि के भू-अर्जन (लैंड एक्विजिशन) पर गुणन कारक (मल्टीप्लिकेशन फैक्टर) को बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा किसानों को बाजार दर से चार गुना तक मिलेगा। यह निर्णय प्रदेश के लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत और आर्थिक मजबूती देने वाला माना जा रहा है।
किसानों को कैसे मिलेगा 4 गुना मुआवजा?
सरकार के इस निर्णय के अनुसार, पहले भूमि अधिग्रहण में जो मुआवजा मिलता था, वह अब दोगुना हो जाएगा। मल्टीप्लिकेशन फैक्टर 2.0 होने के कारण कुल मुआवजा बाजार दर से चार गुना तक पहुंच जाएगा। यह नियम प्रदेश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा। हालांकि नगरीय क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण के लिए यह गुणन कारक पहले की तरह 1 ही रखा गया है।
विकास कार्यों को भी मिली बड़ी मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए भी बड़े फैसले लिए हैं। बैठक में सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण और विकास के लिए लगभग 33,985 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
छिंदवाड़ा सिंचाई परियोजना को बड़ा पुनर्वास पैकेज
कैबिनेट बैठक में छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए पहले स्वीकृत 840 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि को बढ़ाकर लगभग 969 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह विशेष पुनर्वास पैकेज केन-बेतवा अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के समान दिया जाएगा, जिससे प्रभावित लोगों को बेहतर सुविधाएं और सहयोग मिल सके।
किन-किन बांधों का होगा निर्माण?
इस महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना के तहत कुल 4 बड़े बांध बनाए जाएंगे। इनमें छिंदवाड़ा जिले में संगम-1, संगम-2 और रामघाट बांध शामिल हैं, जबकि पांढुर्णा जिले में बेलेंसिंग रिजर्वायर का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बड़े पैमाने पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
1.90 लाख हेक्टेयर भूमि को मिलेगा पानी
इस परियोजना से छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों के लगभग 1,90,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा पहुंचेगी। इससे खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा। साथ ही जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को भी राहत मिलेगी।
628 गांवों को होगा सीधा लाभ
परियोजना का लाभ बड़े स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा। छिंदवाड़ा जिले के 369 गांव और पांढुर्णा जिले के 259 गांव इस योजना से लाभान्वित होंगे। कुल मिलाकर 628 गांवों में सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, जिससे कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
क्यों अहम है यह फैसला?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय न केवल किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करेगा बल्कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवादों को भी कम करने में मदद करेगा। बेहतर मुआवजा मिलने से किसान अपनी जमीन देने के लिए अधिक तैयार होंगे, जिससे विकास परियोजनाओं की गति तेज होगी।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार का यह फैसला किसानों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एक तरफ जहां मुआवजा बढ़ाकर किसानों को राहत दी गई है, वहीं दूसरी ओर हजारों करोड़ की विकास परियोजनाओं को मंजूरी देकर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। आने वाले समय में इसका सीधा फायदा किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और प्रदेश के समग्र विकास को मिलेगा।
