Rewa News; रीवा एयरपोर्ट से उड़ेंगे Airbus जैसे 180 सीटर विमान, 140 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी
Rewa news: रीवा से एक बड़ी और भविष्य को बदल देने वाली खबर सामने आ रही है। शहर का एयरपोर्ट अब छोटे स्तर की सुविधा से आगे बढ़कर बड़े हवाई हब के रूप में विकसित होने जा रहा है। प्रशासन ने यहां एयरबस A320 जैसे बड़े विमानों की लैंडिंग की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे आने वाले समय में रीवा सीधे देश के बड़े महानगरों से जुड़ सकता है।
दरअसल, इस योजना का सबसे अहम हिस्सा एयरपोर्ट के रनवे का विस्तार है। वर्तमान में रीवा एयरपोर्ट का रनवे करीब 1800 मीटर लंबा है, जो केवल ATR-72 जैसे छोटे विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है। यही वजह है कि अभी यहां सीमित उड़ान सेवाएं ही उपलब्ध हैं। लेकिन अब प्रस्तावित योजना के तहत रनवे को बढ़ाकर करीब 2300 मीटर किया जाएगा। रनवे की लंबाई बढ़ने के बाद एयरबस A320 जैसे 150 से 180 यात्रियों की क्षमता वाले बड़े विमान भी आसानी से यहां उतर सकेंगे।
रनवे विस्तार के लिए प्रशासन ने 140 एकड़ अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए जमीन का सीमांकन पूरा कर लिया गया है और इसकी रिपोर्ट भोपाल भेज दी गई है। जैसे ही राज्य स्तर से अंतिम मंजूरी मिलती है, अधिग्रहण और निर्माण कार्य में और तेजी आने की उम्मीद है।
इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू इससे प्रभावित होने वाले किसानों से भी जुड़ा है। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने जानकारी दी है कि इस विस्तार कार्य से लगभग 830 किसान प्रभावित होंगे। सरकार द्वारा इन किसानों को लगभग 340 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि मुआवजा वितरण पारदर्शी तरीके से किया जाएगा और किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा, ताकि विकास कार्य के साथ किसी के साथ अन्याय न हो।
रीवा एयरपोर्ट के विस्तार की जरूरत क्यों महसूस हुई, इसका जवाब हाल ही के आंकड़ों में छिपा है। नियमित विमान सेवा शुरू होने के बाद महज पांच महीनों के भीतर करीब 20 हजार यात्रियों ने यहां से हवाई सफर किया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि रीवा और आसपास के विंध्य क्षेत्र में हवाई यात्रा की मांग तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि सरकार ने इस एयरपोर्ट को बड़े स्तर पर विकसित करने का निर्णय लिया है।
अगर यह परियोजना तय समय में पूरी हो जाती है, तो इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। भविष्य में रीवा से मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इससे यात्रियों को लंबी दूरी तय करने के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि उन्हें अपने ही शहर से बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
इतना ही नहीं, इस एयरपोर्ट के विस्तार से पूरे विंध्य क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है। बेहतर कनेक्टिविटी से यहां व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे नए निवेश के रास्ते खुलेंगे। पर्यटन के क्षेत्र में भी इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए रीवा तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
कुल मिलाकर, रीवा एयरपोर्ट का यह विस्तार सिर्फ एक तकनीकी या निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की नई दिशा तय करने वाला कदम है। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह महत्वाकांक्षी योजना कितनी तेजी से जमीन पर उतरती है और रीवा कब तक बड़े शहरों से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ पाता है।
