Rewa news: न्यायालय का बड़ा फैसला: कोरेक्स तस्करी के आरोपी उमाकांत तिवारी दोषमुक्त, राजीव सिंह शेरा ने की पैरवी
Rewa news: रीवा। विशेष न्यायालय (NDPS) रीवा के माननीय न्यायाधीश सुधीर सिंह ठाकुर के न्यायालय ने नशीली सिरप की तस्करी के एक गंभीर मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी उमाकांत तिवारी को ससम्मान दोषमुक्त कर दिया है।
पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के विरोधाभास ने अभियोजन के दावों की हवा निकाल दी।बिछिया पुलिस थाने के अनुसार, 16 नवंबर 2022 को पुलिस अधिकारी बी.एल. वर्मा ने सिलपरा निवासी उमाकांत तिवारी को “व्यावसायिक मात्रा” में अवैध कोरेक्स के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा और जब्त माल को थाने के मालखाने में जमा कराया।
बचाव पक्ष की दलीलें और जिरह की मुख्य बातें आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव सिंह परिहार शेरा और उनकी टीम ने पैरवी की। अभियोजन ने आरोपी को दोषी ठहराने के लिए 11 गवाह और FSL रिपोर्ट पेश की, लेकिन बचाव पक्ष की तीखी जिरह के सामने पुलिस की कहानी टिक नहीं सकी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने गवाह दिलीप बरैया और कुशलदत्त तिवारी से पूछताछ के दौरान यह साबित कर दिया कि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई थी। जिरह में यह तथ्य सामने आया कि गवाह दिलीप बरैया केस का सैंपल लेकर 6 दिनों तक लापता रहा। इस ‘चेन ऑफ कस्टडी’ के टूटने से सैंपल की शुद्धता और पुलिस की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
अधिवक्ता राजीव सिंह परिहार ने तर्क दिया कि आरोपी को फंसाने के लिए झूठे सबूत रचे गए थे।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न न्यायदृष्टांतों का अवलोकन करने के बाद पाया कि अभियोजन अपना मामला संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। साक्ष्यों में पाई गई गंभीर विसंगतियों के आधार पर माननीय न्यायालय ने उमाकांत तिवारी को एनडीपीएस एक्ट के आरोपों से बरी कर दिया।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी की ओर से अधिवक्ता राजीव सिंह परिहार शेरा के नेतृत्व में सहयोगी अधिवक्ता गिरीश पटेल, साक्षी सिंह बघेल, सुरेश विश्वकर्मा और रामदल रावत ने मज़बूत पैरवी की।
