मध्य प्रदेश

Sundarja Mango:रीवा का सुंदरजा आम बना ग्लोबल ब्रांड; नीलामी में लाखों की बोली लगी

Share With Others

Sundarja Mango: रीवा। विंध्य की शान और रीवा की पहचान सुंदरजा आम अब केवल स्वाद तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह एक बड़े ग्लोबल ब्रांड के रूप में उभर चुका है। साल 2023 में मिले जीआई टैग (भौगोलिक संकेत) ने इस फल की कीमत और मांग में ऐसी बढ़ोतरी की है कि अब इसे पाने के लिए देश भर के व्यापारियों में होड़ मची है। ताजा नीलामी के आंकड़ों ने सभी को चौंका दिया है, जहां बिहार से लेकर व्यौहारी तक के व्यापारियों ने लाखों की बोली लगाकर इस फल के राजा को अपने नाम किया है।

जवाहरलाल नेहरु कृषि महाविद्यालय के कुठुलिया फार्म में मौजूद 2500 पेड़ों के लिए बिहार के एक किसान ने 20 लाख रुपये की भारी-भरकम बोली लगाई है।

वहीं, गोविंदगढ़ स्थित उद्यानिकी विभाग के बगीचे को व्यौहारी के व्यापारियों ने 18 लाख रुपये में हासिल किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि रीवा की इस विरासत पर स्थानीय व्यापारियों की तुलना में बाहरी राज्यों के लोग ज्यादा भरोसा जता रहे हैं। जानकारों की मानें तो बिहार और अन्य राज्यों के व्यापारी सुंदरजा को बड़े शहरों के मॉल्स और एक्सपोर्ट मार्केट तक पहुंचाने की तैयारी में हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

सुंदरजा आम की सबसे बड़ी खूबी इसका रेशा रहित होना है। साथ ही इसमें शुगर की मात्रा इतनी संतुलित होती है कि शुगर के मरीज भी इसे सीमित मात्रा में बड़े चाव से खाते हैं। जब से इस आम को जीआई टैग मिला है, इसकी मांग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ गई है। सरकारी बगीचों की नीलामी के बाद अब जिले के निजी किसानों के पास मौजूद हजारों पेड़ों से भी बंपर मुनाफे की उम्मीद जताई जा रही है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जीआई टैग मिलने के बाद से बगीचों की आय में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। जो बगीचे पहले तीन से चार लाख रुपये में नीलाम होते थे, अब उनकी कीमत दस लाख रुपये के पार जा रही है। अब प्रशासन और कृषि विभाग का ध्यान इस आम के उत्पादन क्षेत्र को बढ़ाने पर है ताकि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मांग की पूरी तरह से आपूर्ति की जा सके। साफ है कि रीवा का सुंदरजा अब आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की एक सुनहरी तस्वीर पेश कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *