Rewa Sundarja Mango: रीवा के सुंदरजा आम में क्या है ऐसी खासियत, जिसके दीवाने हुए देश के 28 राज्य, इसे मिल चुका है GI टैग जाने कीमत
Rewa Sundarja Mango: मध्य प्रदेश करावा जिले का सुंदरजा आम अपनी अनोखी सुगंध और स्वाद के लिए दुनिया भर में काफी लोकप्रिय हो चुका है। यहां आम केवल दिखने में ही नहीं इसका स्वाद भी लाजवाब है, अब यह आम अपने स्वाद से दिल्ली मुंबई कोलकाता जैसे राज्यों को अपने मीठे पन का एहसास दिलाने …

Rewa Sundarja Mango: मध्य प्रदेश करावा जिले का सुंदरजा आम अपनी अनोखी सुगंध और स्वाद के लिए दुनिया भर में काफी लोकप्रिय हो चुका है। यहां आम केवल दिखने में ही नहीं इसका स्वाद भी लाजवाब है, अब यह आम अपने स्वाद से दिल्ली मुंबई कोलकाता जैसे राज्यों को अपने मीठे पन का एहसास दिलाने वाला है।
Rewa Sundarja Mango का स्वाद अब पूरी दुनिया चखेगी, 15-16 जुलाई, 2024 को दिल्ली में आयोजित होने वाले PUSA इंस्टीट्यूट के फ्रूट फेस्टिवल में रीवा का सुंदरजा आम G.I. टैग प्राप्त आमों की श्रेणी में शामिल होगा।
देश के सभी राज्यों में हो चुका है लोकप्रिय
Rewa Sundarja Mango की खेती रीवा के गोविंदगढ़ में ठाकुर विपिन सिंह के निजी बगीचे में की जाती है। इस बगीचे की देखभाल अब ठाकुर साहब के पुत्र कुंवर अभिषेक सिंह बघेल कर रहे हैं जिन्होंने सुंदरजा आम को G.I. टैग दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
G.I. टैग प्राप्ति के बाद से सुंदरजा आम की लोकप्रियता में काफी वृद्धि हुई है। यह आम अब रीवा के अलावा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अन्य शहरों में भी उपलब्ध है, इस आम का स्वाद अब पूरी दुनिया लेने वाली है।
रीवा का सुंदर जहां आम अपनी विशेषताओं के कारण देशभर में लोकप्रिय हो चुका है। G.I. टैग प्राप्ति और दिल्ली में PUSA इंस्टीट्यूट के फ्रूट फेस्टिवल में भागीदारी से इस आम को और अधिक पहचान मिलेगी। यह रीवा के किसानों के लिए भी आर्थिक अवसरों को बढ़ाएगा।

Rewa Sundarja Mango को मिल चुका है GI टैग
रीवा का सुंदरजा आम की सुगंध बहुत ही मनमोहक होती है, यह आम रोगों और कीटों के प्रति भी कम संवेदनशील होता है, सुंदरजा आम को 2021 में G.I. टैग प्राप्त हुआ था, G.I. टैग किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र से जुड़े उत्पादों को दिया जाता है। यह टैग उत्पाद की गुणवत्ता और विशिष्टता को प्रमाणित करता है।
क्या है सुंदरजा आम का इतिहास
सुंदरजा आम का इतिहास रीवा के तत्कालीन महाराजा वेंकट रमन सिंह जूदेव से जुड़ा हुआ है। उन्होंने अपने एक कुशल माली गोविंदगढ़ के बेनी माधव कुशवाहा को लखनऊ और मलिहाबाद के आम के बगीचों में भेजकर उद्यान विज्ञान और बागबानी प्रशिक्षण दिलवाया था।
बेनी माधव कुशवाहा लगभग 1912 में वापस गोविंदगढ़ लौटे और उन्होंने आमों की बेहतर प्रजाति के लिए प्रयोग करना शुरू किया,कुछ समय बाद उनके प्रयास सफल हुए और लगभग एक किलो का स्वाद से परिपूर्ण, महकता।
हुआ आम महाराजा वेंकट रमण सिंह जू देव के दरबार में पेश किया गया। उस आम को देखते ही महाराजा साहेब के मुंह से यह शब्द निकले, "यह तो बहुत सुंदर आम है। इस आम को सुंदरजा के नाम से जाना जाएगा।
कहा पैदा होता है ये आम
Rewa Sundarja Mango रीवा जिले के गोविंदगढ़ में पाया जाता है जिसकी खोज तत्कालीन रीवा महाराजा रघुराम सिंह ने 1985 में की थी। 2030 में सुंदरजा आम को GI टैग से नवादा गया सुंदर जम भारत का इकलौता आम है, जिसके ऊपर डाक टिकट जारी किया गया है।

Rewa Sundarja Mango के बारे में एक्सपर्ट क्या कहते हैं
रीवा जिले के कठुलिया स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत टीके सिंह कहते हैं, वर्ष 2023 में से भारत सरकार द्वारा GI टैग से सम्मानित किया गया। सुंदरजा आम की वैरायटी को तत्कालीन रीवा महाराजा रघुराज सिंह ने 1885 में खोजा था।
उन्होंने इसे गोविंदगढ़ के राघव महल के बाहर 8 एकड़ की रकबे में लगवाया था,1885 से 1970 तक लगभग 85 साल तक यह आम गोविंदगढ़ के किले के बाहर नहीं निकला किले के अंदर ही लग रहा। राज परिवार से जुड़े लोगों तक की इसकी पहुंच लगभग 90 साल तक रही।
Rewa Sundarja Mango वजन की बात की जाए तो इसका औसत वजन 350 ग्राम होता है, लंबाई में यह 12.2 इंच होता है, इसकी चौड़ाई 7.93 इंच होती है, देखने में यह गोल्डन कलर का होता है, बेहद सुंदर दिखाई देता है जिसके चलते महाराजा रघुराज सिंह ने इसका नाम सुंदरजा रखा था।
आम की बात की जाए तो इसमें पील 14.03 स्टोन 12.37 पल्प 75.52 एसीडीटी. 29 टी.एस.एस (शुगर) 22.23 पाई जाती है इसका फ्लेवर बेहद स्ट्रांग होता है, हाथों में देर तक बना रहता है,रूम टेंपरेचर पर इसको 10 दिन तक रखा जा सकता है।
इस आम को फ्रीजर में इसे 1 महीने तक रखा जा सकता है इन्हीं खासियत की वजह से यह आम से बेहद खास हो जाता है। वही शाम की कीमत के बारे में बात करें तो 200 से ₹400 प्रति किलो तक यह बिकता है।