रीवा में भयंकर बीमारी की दस्तक, इस वायरस से जिले के 105 लोग प्रभावित, जानिए बचाव - Rewa News
रीवा में डेंगू ने हर दरवाजे पर दस्तक देना शुरू कर दिया है। रीवा ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी डेंगू का कहर बढ़ता जा रहा है। Rewa News रीवा में डेंगू ने हर दरवाजे पर दस्तक देनी शुरू कर दी है। डेंगू विकराल रूप लेता जा रहा है। संजय गांधी अस्पताल में …

रीवा में डेंगू ने हर दरवाजे पर दस्तक देना शुरू कर दिया है। रीवा ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी डेंगू का कहर बढ़ता जा रहा है। Rewa News
रीवा में डेंगू ने हर दरवाजे पर दस्तक देनी शुरू कर दी है। डेंगू विकराल रूप लेता जा रहा है। संजय गांधी अस्पताल में रीवा ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल डेंगू के मरीजों से भरा पड़ा है। जिला मलेरिया विभाग ने डेंगू की रोकथाम के लिए समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। संजय गांधी अस्पताल में 10 अक्टूबर तक 105 डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से 33 को भर्ती किया गया है। बारिश थमते ही डेंगू का प्रकोप बढ़ गया है। संजय गांधी अस्पताल में मरीज आ रहे हैं। हर दिन डेंगू के एक दर्जन मरीज वहां पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज वे हैं जो दूसरे शहरों में पढ़ाई या नौकरी करते हैं।
इस समय दिवाली की छुट्टियों में घर आए लोगों में डेंगू के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इन्हें इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। संजय गांधी अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में डेंगू के कई दर्जन मरीज भर्ती हैं। इन सभी का इलाज चल रहा है। आंकड़ों की बात करें तो सितंबर में करीब 68 मरीज डायग्नोज हुए थे। इसी तरह एसजीएमएच की ओपीडी में 10 अक्टूबर तक 72 मरीज डायग्नोज हुए थे। इसी तरह अस्पताल में 33 मरीज भर्ती हुए थे। इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। डेंगू ने शहरों से गांवों तक पैर पसार लिए हैं।
डेंगू के लक्षणों की पहचान न होने से कई मरीज गांवों में झोलाछाप डॉक्टरों के जाल में फंस रहे हैं। मरीज कई दिनों तक झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराते हैं। इसके बाद हालत बिगड़ने पर संजय गांधी अस्पताल पहुंच रहे हैं। डेंगू के बढ़ते मामलों को रोकने में मलेरिया विभाग नाकाम साबित हो रहा है इससे डेंगू की खतरनाक बीमारी घर-घर पहुंच रही थी। डेंगू मच्छर जनित बीमारी है। यह मादा एडीज एप्टी मच्छर के काटने से फैलती है।
मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में पैदा होते हैं। डेंगू के मच्छर दिन में ज्यादा काटते हैं। ये मच्छर घरों में ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। आइए जानते हैं डेंगू से बचने के लिए क्या उपाय करें। डेंगू से बचने के लिए घर में मच्छरदानी रखें और पूरी शर्ट के कपड़े पहनें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर आदि की समय-समय पर सफाई करवाएं। दवाओं का छिड़काव करें।
डेंगू वायरस से बचाव क्या है - Rewa News
डेंगू से बचने के लिए ये उपाय करें:
- मच्छरों के काटने से बचें:
- मच्छरों के काटने से बचने के लिए कीट विकर्षक या मच्छर स्प्रे का इस्तेमाल करें।
- ढीले-ढाले, लंबी आस्तीन वाली शर्ट और पैंट पहनें।
- सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- घर के अंदर एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल करें।
- खिड़की और दरवाज़े की जाली सुरक्षित और छेद रहित होनी चाहिए।
- मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म करें:
- घर के अंदर और आस-पास पानी जमा न होने दें।
- पानी की टंकियों को पूरी तरह से ढक कर रखें।
- हर 7 दिन में फूलदानों और गमलों में पानी बदलते रहें।
- टीका लगवाएँ:
- डेंगवैक्सिया एक निवारक टीका है, जो छह महीने के अंतराल पर तीन खुराक में दिया जाता है। यह टीका 9 से 45 वर्ष की आयु के लोगों के लिए उपलब्ध है, जो पहले वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और जो स्थानिक क्षेत्रों में रहते हैं।