Rewa news: रीवा नगर सेना कार्यालय की चली खबर का खंडन
Rewa news: रीवा। पिछले कुछ दिनों से विभिन्न माध्यमों और सोशल मीडिया पर नगर सेना (होमगार्ड) रीवा के विरुद्ध प्रसारित की जा रही खबरें पूरी तरह निराधार, असत्य और विभाग की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली हैं। विभाग इन आरोपों को सिरे से खारिज करता है।
सैनिकों की तैनाती पूरी तरह से प्रशासनिक नियमों और रोटेशन के आधार पर की जाती है। किसी भी सैनिक को दंड स्वरूप दूरस्थ क्षेत्रों में नहीं भेजा जाता, बल्कि यह सेवा की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
वर्तमान में सैनिकों के मानदेय और भत्तों का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा रहा है। “अनिवार्य टैक्स” या अवैध वसूली के दावे पूर्णतः काल्पनिक हैं, क्योंकि वित्तीय लेनदेन में किसी भी स्तर पर नकद हस्तक्षेप संभव नहीं है।
नगर सेना एक अनुशासित बल है। विभाग में शिकायत दर्ज करने के लिए पारदर्शी व्यवस्था मौजूद है। बिना किसी ठोस प्रमाण के “रेट लिस्ट” जैसे शब्दों का प्रयोग करना केवल विभाग की छवि को जनता की नजरों में धूमिल करने का एक कुत्सित प्रयास है।
विभाग अपने “निष्काम सेवा” के आदर्श वाक्य के प्रति प्रतिबद्ध है।
नगर सेना प्रशासन आम जनता और मीडिया बंधुओं से यह आग्रह करता है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के ऐसी किसी भी भ्रामक सामग्री को प्रसारित न करें जो बल की साख और राजकीय अनुशासन को प्रभावित करती हो।
ये चली थी खबर…….

