Rewa News: रीवा जिले के किसान राकेश तिवारी को 32 साल बाद हाईकोर्ट से न्याय मिला है। कोर्ट ने रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल और जिला प्रशासन को फटकार लगाते हुए 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। किसान की जमीन जबरन अधिग्रहित की गई थी, जिसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। द सूत्र मिली खबर के अनुसार।

हाउसिंग बोर्ड के लिए ली गई थी जमीन

रीवा हाउसिंग बोर्ड ने 1983 में किसान राकेश तिवारी की सवा एकड़ जमीन कॉलोनी निर्माण के लिए अधिग्रहित की थी। किसान को न तो कोई सूचना दी गई और न ही मुआवजा दिया गया। 2015 में उसे हाउसिंग बोर्ड से नोटिस मिला, जिसमें जमीन खाली करने का आदेश दिया गया। किसान ने इसे चुनौती दी और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी 25000 का जुर्माना

जस्टिस विवेक अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन का काम जनता की सेवा करना है, उन्हें परेशान करना नहीं। उन्होंने कलेक्टर प्रतिभा पाल को फटकार लगाते हुए कहा कि वह अपने कर्तव्यों का ठीक से पालन नहीं कर रही हैं। साथ ही कलेक्टर पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है।

न्याय की राह

कई साल की कानूनी लड़ाई के बाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि राकेश तिवारी को उनकी जमीन वापस दी जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर प्रशासन को जमीन चाहिए तो उसे नए नियमों के मुताबिक मुआवजा देना होगा।

बावड़ी हादसे के बाद प्रतिभा पाल का तबादला

अप्रैल 2023 में इंदौर नगर निगम आयुक्त के तौर पर प्रतिभा पाल के कार्यकाल के दौरान बावड़ी हादसा हुआ था, जिसमें 36 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने नगर निगम की कार्यशैली और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए थे। हादसे के बाद जनता और स्थानीय संगम ने आयुक्त को हटाने की मांग की थी। घटना के छह दिन के अंदर ही प्रतिभा पाल का इंदौर से तबादला कर दिया गया था।