RBI Agriculture Loan: RBI ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, बिना गारंटी मिलेगा 2 लाख रुपये का लोन महंगाई और कृषि में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए गारंटी फ्री एग्री लोन की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का फैसला लिया गया है, आइए आपको भी बताते हैं कि इस मामले में RBI ने किस तरह की जानकारी दी है।

Also Read: लाडली बहनों के लिए खुशखबरी! योजना में महिलाओं को मिलेगा,हर महीने ₹2100 देखें अपडेट

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने अपनी पिछली मौद्रिक नीति में किसानों को बड़ी राहत दी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बढ़ती महंगाई से किसानों को राहत देने के मकसद से बिना गारंटी के 2 लाख रुपये तक का लोन देने का ऐलान किया है, फिलहाल यह सीमा 1.6 लाख रुपये है, इससे पहले RBI ने लगातार 11वीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया. इसका मतलब है कि रेपो रेट 6.5 फीसदी पर बरकरार रहेगी, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने कैश रिजर्व रेशियो में कटौती कर 4 फीसदी कर दिया है। जिससे देश के बैंकों को 1.15 लाख करोड़ रुपये का बूस्ट मिलेगा।

किसानों को बड़ी राहत

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को मौद्रिक नीति समीक्षा की जानकारी देते हुए कहा कि महंगाई और कृषि में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की लागत में वृद्धि को देखते हुए गारंटी मुक्त कृषि ऋण की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने का दायरा बढ़ेगा। आरबीआई ने 2010 में कृषि क्षेत्र को बिना किसी गारंटी के एक लाख रुपये देने की सीमा तय की थी। बाद में 2019 में इसे बढ़ाकर 1.6 लाख रुपये कर दिया गया, आरबीआई ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही एक परिपत्र जारी किया जाएगा।

Also Read: बड़ी खबर! Ladli Behna Yojana 3.0 जल्द होने वाला है शुरू,योजना से छूटी महिलाओं को मिलेगा लाभ,अभी करें अप्लाई

11वीं बार रेपो दर में कोई बदलाव नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की पांचवीं मौद्रिक नीति बैठक में लगातार 11वीं बार नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया और इसे 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा। हालांकि, अर्थव्यवस्था में नकदी बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्रीय बैंक ने सीआरआर (नकद आरक्षित अनुपात) को 4.5 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत कर दिया, इस कदम से बैंकों में 1.16 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी।