PM kisan Yojana: PM किसान योजना से वंचित हुए प्रदेश के लाखों किसान,जानिए क्यों? हो रही है समस्या,तुरंत करें 1 काम
PM kisan Yojana: केंद्र के बीजेपी सरकार ने किसानों के लिए पीएम किसान सम्मन निधि योजना लागू की है जिसमें तीन किस्तों में ₹2000 की राशि आती है। साथी एमपी में सरकार की तरफ से ₹4000 मिलते हैं लेकिन एमपी में लाखों किसान योजना से वंचित हो चुके हैं, आखिर क्यों उनके साथ यह समस्या …

PM kisan Yojana: केंद्र के बीजेपी सरकार ने किसानों के लिए पीएम किसान सम्मन निधि योजना लागू की है जिसमें तीन किस्तों में ₹2000 की राशि आती है। साथी एमपी में सरकार की तरफ से ₹4000 मिलते हैं लेकिन एमपी में लाखों किसान योजना से वंचित हो चुके हैं, आखिर क्यों उनके साथ यह समस्या हो रही है। इस बारे में हम आपके पूरे विस्तार से जानकारी देंगे।
आपकी जानकारी के लिए बता दे मध्य प्रदेश में लगभग 634186, किसानों की PM kisan Yojana की ई-केवाइसी बची है। यह वह किस है जिनको पीएम किसान सम्मन निधि योजना के तहत पंजीकृत किया गया है। अब सरकार ने इन किसानों की ईकेवाईसी करने का टारगेट रखा है, मध्य प्रदेश में चल रहे राजस्व महा अभियान के तहत इन सभी ई केवाईसी सरकार करेगी।

PM kisan Yojana के लिए रजिस्टर्ड है इतने किसान
मध्य प्रदेश कृषि विभाग के अनुसार राज्य में 87 लाख 13000 किस इनमें से 87 लाख 13 लाख 465 हजार किसान PM kisan Yojana के तहत पंजीकृत हैं। 4 लाख 9 हज़ार 383 किसानों की ई-केवाईसी एवं रजिस्ट्रेशन लंबित हैं। कुल छह लाख 34 हजार 186 किसान अब भी पीएम किसान योजना से वंचित हैं।
ई-केवाईसी के चलते नहीं मिल पा रही किस्त
PM kisan Yojana मैं पंजीकृत किसानों की ई केवाईसी की जानी है इसके बाद ही इनको सरकार की योजनाओं का लाभ मिल पाएगा, आपको बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार ₹2000 करके तीन किस्तों में देश के सभी किसानों को हर साल ₹6000 की राशि देती है।
जबकि मध्य प्रदेश सरकार 2-2 हजार रुपये की दो किस्तें किसानों को देती है। इससे एक किसान को वर्षभर में 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। अगर आप भी इस योजना में पात्र है, और इस योजना का लाभ निरंतर उठाना चाहते हैं तो, जल्द से जल्द ई- केवाईसी का कार्य पूरा कर ले, अन्यथा नही मिलेगा।

CM मोहन यादव ने शुरू किया अभियान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम मोहन यादव ने महावीरन स्वरूप किया है, मोहन यादव ने 15 जुलाई से प्रदेश में राजस्व महा अभियान 2.0 की शुरुआत की है। अभियान के तहत सभी तरह के लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण जिला कलेक्टरों द्वारा कराया जाएगा।
कार्ड नहीं तो पात्र नहीं PM kisan Yojana
गांव में शिविर लगाकर कृषि विभाग दस्तावेजों की जांच कर कार्ड बनाने के लिए किसानों का बुरा पोर्टल पर दर्ज करेगा पोर्टल पर आधार कार्ड, खेत का रकवा, खसरा नंबर, मोबाइल नंबर ई केवाईसी बुवाई की जाने वाली कम से कम दो फसल आदि का पूरा ब्यौरा दर्ज करेगा।
इसके बाद एक किसान को यूनीक नंबर जारी होगा, नंबर के ज़रिए किसान का पूरा विवरण आन लाइन उपलब्ध होगा। किसान को कार्ड के जरिए ही दिसंबर से पीएम सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। अन्यथा लाभ नहीं मिलेगा।

करोड़पति भूमिहीनों ने उठाया था गलत लाभ
PM kisan Yojana में वित्तीय वर्ष 2022 में पीएम किसान सम्मन निधि योजना का लाभ उठाने वाले ऐसे किस भी पकड़ में आए हैं, जिनकी जमीन ग्रेटर नोएडा यमुना प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहण कर चुका है। उसके बावजूद किसान योजना का लाभ उठा रहे थे, पिछले साल अपात्रों की छंटनी में 1719 ऐसे लाभार्थी भी सामने आए जो आयकर दाता भी थे।
आधार की तर्ज पर किसान कार्ड बनाया जाएगा, इसके लिए गांवों में शिविर लगाकर कार्ड बनाने के लिए मोबाइल ऐप पर पंजीकरण किया जाएगा। बिना किसान कार्ड के विभागीय योजना में आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।
पैसा लेने के लिए लाभार्थी लिस्ट में नाम होना जरूरी
PM किसान सम्मान निधि की 16वीं किस्त इसी साल फरवरी में जारी की गई थी, ऐसे में अब किसानों को 17वीं किस्त का इंतजार है। आपका ये इंतजार बेकार न जाए, इसके लिए पहले से ये चेक कर लें, कि किसान सम्मान योजना की लाभार्थी लिस्ट में आपका नाम शामिल है। भी या नहीं क्योंकि कई बार कुछ गलतियों की वजह से आपका नाम लाभार्थी लिस्ट से हटाया जा सकता है, अगर लिस्ट में आपका नाम नहीं होगा तो सम्मान निधि का पैसा अटक सकता है।