मध्य प्रदेश का नवगठित मऊगंज जिला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। हाल ही में जिले के गडरा गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों में पिता, पुत्र और पुत्री शामिल हैं। यह घटना 14 मार्च को गडरा गांव में हुई हत्या और पुलिस पर हमले के बाद सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था।

सूत्रों के मुताबिक, 14 मार्च को गढ़रा गांव में शनि द्विवेदी को बंधक बनाकर पीट-पीटकर मार डाला गया था। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया, जिसमें एक एएसआई की मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही इलाके में धारा 144 और 163 लागू थी, इसके बावजूद गडरा गांव में तीन लोगों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारी, स्थानीय विधायक प्रदीप पटेल और पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना मौके पर पहुंचे। पूर्व विधायक ने घटना पर रोष व्यक्त करते हुए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया और मामले की सीबीआई जांच की मांग की।

प्रशासन पर सवाल और सीबीआई जांच की मांग

पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब क्षेत्र में पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई थी, तब यह घटना कैसे हो गई? प्रशासन क्या कर रहा था? पुलिस आम जनता को परेशान कर रही है, लेकिन अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच नहीं हो जाती, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी।

विधायक प्रदीप पटेल का बयान

विधायक प्रदीप पटेल ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि पुलिस जांच में जुटी है और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) की टीम मौके पर पहुंच गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्षेत्र में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

घटना के बाद ग्रामीणों में रोष है और स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।