Mahashivratri 2025: 2025 की महाशिवरात्रि विशेष महत्व रखती है क्योंकि इस बार 149 वर्षों बाद एक दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बनने जा रहा है। यह शुभ संयोग शिव भक्तों के लिए असीम आध्यात्मिक ऊर्जा और लाभ लेकर आएगा।

ग्रहों का महासंयोग

महाशिवरात्रि 2025 पर सूर्य, बुध और शनि एक साथ कुंभ राशि में स्थित होंगे। ज्योतिष के अनुसार, यह स्थिति बेहद शुभकारी मानी जाती है। कुंभ राशि शनि की अपनी राशि है, और सूर्य उनके पिता माने जाते हैं। इस महासंयोग का प्रभाव भक्तों के लिए अत्यधिक लाभकारी रहेगा।

मऊगंज के हनुमना स्थित हटेश्वरनाथ में महाशिवरात्रि की तैयारियां शुरू,भजन कीर्तन और होगा भंडारा,पूर्व विधायक करा रहे आयोजन!

शुक्र और राहु का विशेष प्रभाव

इस दिन शुक्र मीन राशि में उच्च स्थिति में रहेगा और राहु के साथ संयोग बनाएगा। यह संयोजन जीवन में सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति के संकेत देता है। यह योग आध्यात्मिक उन्नति के द्वार खोल सकता है और मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक हो सकता है।

अन्य ज्योतिषीय संयोग जो बनाएंगे इस शिवरात्रि को खास

धनिष्ठा नक्षत्र में महाशिवरात्रि पड़ने से यह और भी अधिक शुभ मानी जाएगी।

मकर राशि में चंद्रमा की उपस्थिति शिव साधना को सिद्धिदायक बनाएगी।

परिघ योग और शकुनी करण भक्तों के लिए विशेष फलदायी रहेंगे।

शनि दोष से मुक्ति का उत्तम अवसर

जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, उनके लिए यह शिवरात्रि बेहद शुभ सिद्ध हो सकती है। इस दिन शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और काले तिल अर्पित करने से शनि दोष का निवारण होता है। "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करने से विशेष लाभ प्राप्त होगा। साथ ही, जरूरतमंदों को काले वस्त्र और काले तिल का दान करने से शनि ग्रह की बाधाएं कम होंगी।

महाशिवरात्रि 2025: पूजा का शुभ मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि की पूजा का सबसे उत्तम समय रात्रि 11:45 बजे से सुबह 12:35 बजे तक रहेगा। इस दौरान:

रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होगी।

महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलेगी।

शिव चालीसा का पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।

रात्रि जागरण करने से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

2025 की महाशिवरात्रि आध्यात्मिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। दुर्लभ ग्रह संयोग इसे और भी प्रभावशाली बना रहे हैं। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव की आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं और जीवन में सुख-शांति तथा समृद्धि का आगमन होता है। इस पावन दिन पर शिव भक्ति में लीन होकर दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करें।