रीवा जिले में आज सुबह से ही बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सभी संगठनों के लोग एक साथ सड़कों पर उतरे और व्यापारियों से सहयोग मांगते हुए दुकानें बंद कराईं। बंद के कारण सड़कों पर सन्नाटा रहा और वाहनों के पहिए थम गए।

सरकार पर हमला, ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज का गुस्सा

अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने भाजपा सरकार और नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण संघ से जुड़े प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा और नरोत्तम मिश्रा ने अब तक मृतक द्विवेदी परिवार की मदद नहीं की। इसी गुस्से के चलते आज का बंद बुलाया गया।

एमपी-यूपी से जुड़े ब्राह्मण और क्षत्रिय संगठन

आज के रीवा बंद में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न ब्राह्मण, क्षत्रिय और कई संगठनों के लोग शामिल हुए। यह विरोध प्रदर्शन मऊगंज जिले में हाल ही में हुई घटना के विरोध में था।

क्या है मामला?

कुछ दिन पहले मऊगंज जिले के गड़रा गांव में शनि द्विवेदी नामक ब्राह्मण युवक को आदिवासियों ने बंधक बनाकर हत्या कर दी थी। जब पुलिस बचाव के लिए पहुंची तो भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया, जिसमें एक एएसआई की मौत हो गई और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट

रीवा और मऊगंज बंद के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी।

सामाजिक संगठन के लोगों ने की मांग

रीवा जिले में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मध्य प्रदेश सरकार से मांग की है कि मऊगंज में हुई घटना में लापरवाही बरतने वाली एसपी रसना ठाकुर को बर्खास्त किया जाए क्योंकि उस दिन इस घटना के दौरान उन्होंने लापरवाही बरती और अधिकारियों का फोन नहीं उठाया। , सामान्य वर्ग की सुरक्षा के लिए कानून बनाए जाएं, मृतक शनि द्विवेदी के परिवार को 1 करोड़ रुपए दिए जाएं। मुआवजे की मांग की जाए, दोषियों के घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। 10 दिन में सभी मांगें पूरी नहीं हुई तो भोपाल का घेराव किया जाएगा।