MP हाईकोर्ट की फटकार के बाद CM मोहन सरकार ने नर्सिंग घोटाले में लिया बड़ा एक्शन,इन पर गिरेगी गाज
Madhya Pradesh News: हाईकोर्ट की फटकार के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने नरसिंह परिषद की रजिस्ट्रार अनीता चंद को हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं, अनीता चंद को अब नर्सिंग काउंसिल से हटाकर उनके मूल पद पर भेज दिया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने आदेश जारी करते हुए यहां नया पद भी सृजित …

Madhya Pradesh News: हाईकोर्ट की फटकार के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने नरसिंह परिषद की रजिस्ट्रार अनीता चंद को हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं, अनीता चंद को अब नर्सिंग काउंसिल से हटाकर उनके मूल पद पर भेज दिया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने आदेश जारी करते हुए यहां नया पद भी सृजित कर दिया है। अब कृष्ण कुमार रावत को नरसिंह परिषद का रजिस्ट्रार पदस्थ किया गया है।
उन्हें आगामी आदेश तक नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल मध्य प्रदेश नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल का प्रभार दिया गया है। आपको बता दें कि इस पूरे मामले की सुनवाई चल रही थी और हाईकोर्ट ने इस बात पर काफी नाराजगी जताई थी कि इतने बड़े आरोप और इतनी गंभीर लापरवाही के बावजूद सरकार उन्हें क्यों नहीं हटा रही है।
जबकि हाईकोर्ट ये बात पहले भी कह चुका है, लेकिन इसके बावजूद जो याचिका दायर की गई थी उस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि जब हटाने के आदेश पहले ही दे दिए गए थे तो सरकार उन्हें क्यों न हटाए? आपने कार्रवाई क्यों नहीं की? ये पूरी सुनवाई गुरुवार को हुई और इसके बाद जब हाईकोर्ट ने
फटकार लगाई तो गुरुवार देर रात इसके आदेश भी जारी कर दिए गए. आपको बता दें कि इस पूरे मामले में हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि 14 दिसंबर से 19 दिसंबर तक की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए क्योंकि आरोप यह है कि जैसा कि इस याचिका में कहा गया है।
अनीता चांद पर इस मामले से जुड़े दस्तावेज गायब करने का संदेह है और इसीलिए हाईकोर्ट ने 14 से 19 दिसंबर तक की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि नरसिंह घोटाला मामले में लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन अध्यक्ष की याचिका गुरुवार को दायर की गई थी और इस याचिका के तहत सभी नर्सिंग मामलों की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने
अपने पुराने आदेश का पालन न होने पर नाराजगी जताई थी और इसीलिए जब हाईकोर्ट के आदेश पर सुनवाई हुई तो गुरुवार देर रात आदेश जारी हुए कि कृष्ण कुमार रावत को नरसिंह परिषद का रजिस्ट्रार बनाया जाता है और अनीता चंद को वापस उनके मूल पद पर भेजा जाता है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को
निर्देश दिए हैं कि 14 दिसंबर को नर्सिंग परिषद कार्यालय से महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें गायब हो गई हैं और ये आरोप अनीता चंद पर लग रहे हैं और इसीलिए उन्होंने राज्य सरकार को सीसीटीवी फुटेज को भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं, कुल मिलाकर
जिस तरह से एक के बाद एक कई परतों में यह पूरा मामला सामने आया है, कांग्रेस ने इसे लेकर कई बड़े प्रदर्शन भी किए हैं। लेकिन अब हाईकोर्ट की फटकार के बाद आखिरकार अनीता चंद के नाम पर लंबे समय से लटक रही तलवार नर्सिंग परिषद से हट गई है और उन्हें वापस उनके मूल पद पर भेज दिया गया है।