IAS sucess story Sonia meena: राजस्थान की बेटी सोनिया मीणा ने यूपीएससी परीक्षा में 36वी रैंक प्राप्त की थी और आईएएस अधिकारी बनी थी. माफिया के खिलाफ इन्होंने कई बड़े एक्शन किए थे उनके नाम से दहशत बन जाती थी

UPSC success story Sonia meena: राजस्थान की IAS बेटी सोनिया मीणा का नाम आज देश के चुनिंदा युवाओं में देखा जाता है. यह युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी साबित हुई है. सोनिया मीणा ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 36वां स्थान प्राप्त कर एक आईएएस अधिकारी बनी थी. सोनिया मीणा की सफलता में सिर्फ उनके लिए बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं.

माफियाओं में दहशत IAS success story Sonia meena

एमपी कैंडल में पिछले 10 सालों से अपनी सेवाएं दे रही सोनिया मीणा ने माफियाओं के खिलाफ बड़े एक्शन की कार्यवाही से पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थी. माफिया अर्जुन सिंह के खिलाफ उनकी कार्यवाही ने तो मानों माफिया जगत में भूचाल मचा दिया था। सोनिया मीणा को माफियाओं का काल भी कहा जाता है। हालाकि हाईकोर्ट में उनको फटकार आए दिन लगाई जाती है।

कठोर प्रशासनिक रुख

सोनिया मीणा का प्रशासनिक रूख बहुत ही कठोर है वह हमेशा न्याय और सही के पक्ष में खड़ी होती हैं यही वजह है कि माफिया जगत के लोग उनसे काफी डरते हैं। सोनिया मीणा अपने कर्तव्य को लेकर पूरी निष्ठा रखते हुए कभी पीछे नहीं हटती यही वजह है कि वह देश में सुर्खियों में भी बनी रहती

युवाओं को प्रेरित करती हैं सोनिया मीणा

वर्तमान में सोनिया मीणा नर्मदापुरम कलेक्टर (ट्रासफर )है और वह सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहती हैं और युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) तैयारी करने के लिए मदद करती हैं। उनका कहना है की कड़ी मेहनत और लगन से युवा सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

इन पदों पर रही हैं तैनात

इस सोनिया मीणा एसडीएम, एडीएम और जिला पंचायत सीईओ जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुकी हैं. उन्होंने छतरपुर जिले के राजनगर में एसडीएम उमरिया में एडीएम और जिला पंचायत सीईओ के रूप में भी कार्य किया है वर्तमान में वह भोपाल मंत्रालय में कार्यरत हुई है.

4 घंटे के लिए बनी थी मऊगंज कलेक्टर

सोनिया मीणा उस समय चर्चा में आई जब मध्य प्रदेश का 53 वा जिला मऊगंज की कलेक्टर बनाई गई थी, लेकिन यह आदेश कुछ घंटे के बाद बदल गया रातों-रात सोनिया मीणा को नर्मदा पुरम कलेक्टर बनाया गया था और मऊगंज कलेक्टर आईएएस अजय श्रीवास्तव बने थे। ऐसा कहा जाता है कि मऊगंज के लिए वह केवल चार घंटे के लिए कलेक्टर बनाई गई थी.