रीवा संभाग में बसा 'सरसी आइलैंड' विंध्य कि खूबसूरती में चार-चांद, सुंदर इतना कि एक रात रुक गए डिप्टी सीएम, कितना है किराया?
सीएम मोहन यादव के द्वारा 14 दिसंबर को शहडोल के दौरान पर थे। उनके द्वारा पर्यटन विभाग के नवनिर्मित सरसी आइलैंड रिजॉर्ट का उद्घाटन किया गया। विंध्य के शहडोल जिले में बाणसागर डैम के बैक वाटर पर निर्मित यह खूबसूरत रिसॉर्ट प्रमुख पर्यटन स्थल बांधवगढ़ नेशनल पार्क और मैहर के पास स्थित है। शहडोल के …

सीएम मोहन यादव के द्वारा 14 दिसंबर को शहडोल के दौरान पर थे। उनके द्वारा पर्यटन विभाग के नवनिर्मित सरसी आइलैंड रिजॉर्ट का उद्घाटन किया गया। विंध्य के शहडोल जिले में बाणसागर डैम के बैक वाटर पर निर्मित यह खूबसूरत रिसॉर्ट प्रमुख पर्यटन स्थल बांधवगढ़ नेशनल पार्क और मैहर के पास स्थित है।
शहडोल के ब्यौहारी के रास्ते यहां बहुत ही आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए एक अनूठा अनुभव प्राप्त होगा। एक सर्किट परियोजना के अंतर्गत विकसित यह स्थल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला यहां एक रात गुजर भी चुके हैं।
23 एकड़ में फैला इस खूबसूरत आईलैंड को बनाने में 4 साल का वक्त लगा। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा विंध्य क्षेत्र की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए कई अनेकों कामों का ऐलान किया था।
एक कमरे का किराया 9 हजार रुपए
आइलैंड में 10 कमरे हैं, जो एमपीटी के पोर्टल से ऑनलाइन बुक किए जा सकते हैं। डबल ऑक्यूपेंसी वाले एक कमरे का किराया 9 हजार रुपए है, जो जीएसटी के साथ 10,620 रु. तक पहुंचेगा। पर्यटन निगम के चीफ इंजीनियर दिलीप श्रीवास्तव के अनुसार, इस पर करीब 17 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
सरसी आइलैंड वोट या हेलीकॉप्टर से पहुंचा जा सकता है
यहां स्वीमिंग पूल, हेलिपैड, जिम, प्ले एरिया और बोट क्लब है। तारे देखने के लिए स्टार गेजिंग टेलीस्कोप की सुविधा भी।
सिर्फ मोटर बोट या हेलिकॉप्टर के जरिए ही इस आइलैंड रिसॉर्ट तक पहुंचा जा सकता है।

यहां किचन गार्डन भी है। पर्यटक खुद ताजी सब्जियां तोड़कर खाना बना सकते हैं। पूरा रिसॉर्ट सोलर ऊर्जा से संचालित होगा।
इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि डैम पूरा भरने पर भी रिसॉर्ट सुरक्षित रहेगा, जिससे पर्यटक हर मौसम में इसका आनंद उठा सकेंगे।

ऐसे पहुंचें सरसी आइलैंड रिसॉर्ट
इटमा घाट के रास्ते जाने के लिए ब्यौहारी, बांधवगढ़, उमरिया होकर जाएंगे। कटनी-मैहर के रास्ते मार्कंडेय घाट पहुंचा जा सकता है।