PM kisan tractor scheme 2025: सभी किसानों को मुफ्त में ट्रैक्टर मिलना शुरू, ऐसे करें घर बैठे आवेदन
PM kisan Tractor Yojana Subsidy 2025: किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ट्रैक्टर योजना के माध्यम से 20% से 50% तक सब्सिडी दे रही है।

PM Kisan Tractor Yojana Subsidy 2025: किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और आधुनिक कृषि से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रभावित योजनाएं लागू कर रही हैं। प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना जिसका उद्देश्य किसानों को महंगी कृष मशीनों पर सब्सिडी देकर खेती को आधुनिक बनाने का है। इस योजना से उन छोटे और सीमांत किसानों को बड़ा लाभ मिला है जो आर्थिक रूप से कमजोर थे और वह ट्रैक्टर नहीं खरीद पा रहे थे। और लगातार परंपरागत खेती करने से पीछे हो गए थे
खेती किसानी करने के लिए आधुनिक मशीनों की अहम भूमिका होती है। खेत की बुवाई, जुताई , सिंचाई और कटाई जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों में ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। ट्रैक्टर खरीदने की लागत बहुत होती है यहां तक की सामान्य किसान उसे खरीद भी नहीं पाते। ऐसे में प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना सब्सिडी 2025 के जरिए जो किसान आधुनिक खेती के संसाधनों से वंचित है वह इस योजना से जुड़कर लाभ ले सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को ट्रैक्टर खरीदने पर 20% से 50% तक आर्थिक सहायता यानी सब्सिडी दी जाती है।
Pradhanmantri Kisan Tractor Yojana Subsidy 2025: इस योजना की क्या है खासियत
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जिसका लक्ष्य किसानों को ट्रैक्टर जैसी महंगी कृषि यंत्र खरीदने में सहायता देना है इस योजना के अंतर्गत किसानों को कुल ट्रैक्टर की लागत पर 20% से 50% तक मुफ्त सब्सिडी दी जाती है जो सीधे उनके बैंक खाते में स्थानांतरित होती है। योजना देश भर के पात्र किसानों के लिए लागू की गई है और इसमें विशेष रूप से छोटे सीमांत और आर्थिक रूप से कमजोर किसान सम्मिलित है।
इस योजना से खेती को आधुनिक बनाने के साथ किसान की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करने का लक्ष्य है। ट्रैक्टर मिलने से खेती का कार्य तेज हो जाता है जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है। इसके अतिरिक्त उत्पादन भी बढ़ता है और किसान दूसरे किसानों को भी ट्रैक्टर किराए पर देकर अतिरिक्त धन अर्जित कर सकते हैं।
इस योजना के मुख्य लाभ
सब्सिडी सुविधा: ट्रैक्टर की कुल कीमत पर 20% से 50% तक की सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में भेजी जाती है।
• आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को बढ़ावा: यह योजना खास तौर पर छोटे और सीमांत किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
• उत्पादन क्षमता में वृद्धि: ट्रैक्टर की उपलब्धता से खेतों की समय पर जुताई, बुवाई और कटाई हो जाती है, जिससे पैदावार में वृद्धि होती है।
• आधुनिक खेती की ओर कदम: ट्रैक्टर के इस्तेमाल से खेती आधुनिक और वैज्ञानिक हो जाती है।
• स्वरोजगार का साधन: किसान ट्रैक्टर का इस्तेमाल न सिर्फ अपने लिए बल्कि दूसरे किसानों के खेतों में किराए पर भी कर सकते हैं।
योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को कुछ महत्वपूर्ण पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी:
1. आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
2. उसके नाम पर कृषि भूमि का पंजीकरण होना अनिवार्य है।
3. परिवार की वार्षिक आय 1.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
4. किसान के नाम पर पहले से कोई ट्रैक्टर पंजीकृत नहीं होना चाहिए।
5. योजना का लाभ एक किसान को एक बार ही दिया जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज
• आधार कार्ड
• भूमि स्वामित्व प्रमाण (खसरा, खतौनी)
• पहचान पत्र (वोटर कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस)
• निवास प्रमाण पत्र
• पैन कार्ड
• आय प्रमाण पत्र
• बैंक पासबुक
• पासपोर्ट साइज फोटो
• मोबाइल नंबर
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:
1. सबसे पहले राज्य कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
2. "पीएम किसान ट्रैक्टर योजना" लिंक पर क्लिक करें।
3. नया आवेदन फॉर्म खोलें और अपनी सभी व्यक्तिगत जानकारी भरें।
4. आवश्यक दस्तावेज़ों को स्कैन करके अपलोड करें।
5. फॉर्म जमा करें और आवेदन रसीद का प्रिंट आउट लें।
ऑफ़लाइन आवेदन प्रक्रिया:
1. अपने नज़दीकी कृषि विभाग के कार्यालय या CSC केंद्र पर जाएँ।
2. योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
3. फॉर्म को ध्यान से भरें और दस्तावेज़ संलग्न करें।
4. भरा हुआ फॉर्म संबंधित अधिकारी को जमा करें।
5. आवेदन की जाँच और सत्यापन के बाद पात्र किसान को सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
कैसे मिलेगी ट्रैक्टर खरीदने के लिए सब्सिडी
किसान के द्वारा जब ट्रैक्टर खरीदा जाता है तो संबंधित दस्तावेज कृषि विभाग के पास दिए जाते हैं। दस्तावेजों की पूरी जांच करने के बाद सब्सिडी की रकम सीधा DBT के माध्यम से किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है
क्या इस योजना में कोई शुल्क लगता है?
यह योजना पूरी तरह से निशुल्क है इसके लिए आवेदन करने के लिए कहीं भी शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होती। अगर कोई एजेंट या अन्य व्यक्ति पैसे की डिमांड करता है तो वह पूरी तरह से अवैध है। किसान को केवल सरकारी आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत केंद्रों से ही आवेदन करना चाहिए