Mp news: मध्यप्रदेश के 2023 विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में शिवराज का चेहरा दिखाकर मोहन यादव को मुख्यमंत्री बना दिया गया जिसके बाद से मोहन सरकार उन्ही के विधायक नाराज चल रहे है जब अमित शाह मोदी ने मोहन यादव को सीएम चुना तो सबको समझ आ गया था कि ये पचित सरकार है दिल्ली से आदेश आएगा और मोहन सरकार चलेगी अब उसी का साइड इफेक्ट दिखने लगा है जिसका नतीजा ये है कि बीजेपी के छह विधायकों ने बगावत शुरू कर दी है ।

Mp news: 2023 में एमपी का पलटा था फांसा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिस तरह से 8 अक्टूबर को हरियाणा में हुआ और हारी हुई बीजेपी जीत गई ठीक उससे पहले 5 दिसंबर 2023 को ऐसा ही इतिहास मध्यप्रदेश में देखने को मिला जब कहा जा रहा था कि मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार जाने वाली है लेकिन हुआ इसके उलट और बीजेपी चौथी बार सत्ता में आई।

Mp news: मोहन को लेकर विधायक में बगावत

लेकिन ये पहले से ही तय था कि इस बार शिवराज सिंह चौहान सीएम नहीं बनेंगे और आखिर में हुआ भी वही दिल्ली से आदेश हुआ और मोहन यादव सीएम बन गए मोहन यादव सीएम बन गए लेकिन पचित सरकार आज तक अपने ही लोगों को नहीं संभाल पाई वो अपनी ही सरकार पर हमला बोलते हैं जिससे मोहन सरकार खुद कटघरे में खड़े नजर आ रहे है. ।

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अब इसी क्रम में कई विधायकों ने अपना दर्द बयां किया है. बीजेपी विधायक ब्रजबिहारी पटेरिया अपने समर्थकों के साथ थाने के बाहर धरने पर बैठ गए. विधायक का कहना है कि वो केसली स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर चाहते हैं लेकिन पुलिस नहीं लिख रही है. विधायक का कहना है कि डॉक्टर पीड़ित परिवार को पीएम रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं. परिवार एक महीने से अस्पताल के चक्कर लगा रहा है. ।

देवरी विधायक की मांग नहीं सुनी जा रही है. इससे नाराज विधायक ने वहीं से विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया. इससे पहले आप समझ सकते हैं कि किस तरह के विवाद खड़े हो रहे हैं. इसी तरह मऊगंज के बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल भी परेशान हैं. पटेल ने अपने क्षेत्र में बढ़ रही नशे की लत के खिलाफ मुहिम शुरू की है लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.

विजय राघव गढ़ से बीजेपी विधायक संजय पाठक के आधार कार्ड का पता बदल गया है. भाजपा के कद्दावर नेता गोपाल भार्गव भी चिंतित हैं। भार्गव ने तंज कसते हुए कहा है कि प्रदेश में बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं और क्या हम इन हालातों में रावण जलाने के हकदार हैं। ये घटनाएं शर्मनाक हैं और हम अपनी बहन बेटियों की सुरक्षा नहीं देख पा रहे हैं। इससे आप समझ सकते हैं कि किस तरह से वो अपनी ही सरकार पर हमला बोल रहे हैं और मोहन यादव को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।

इससे पहले भी सांसदों और विधायकों के बीच खींचतान हो चुकी है और कोई हल नहीं निकल पाया है। अब इन विधायकों की सरकार के प्रति आलोचना चर्चा का विषय बन गई है और कोई भी इस पर बोलने को तैयार नहीं है, वहीं कुछ लोग दबी जुबान में कह रहे हैं कि मोहन यादव सत्ता पर काबिज नहीं हो पा रहे हैं और जो चाह रहा है वो कर रहा है। अब देखना ये है कि आगे क्या होता है और मोहन यादव इस तरह के विरोध को कैसे शांत करते हैं। ये देखना दिलचस्प होगा। या फिर एक बार फिर एमपी के मुखिया शिवराज सिंह देखने को मिल सकते है।