Bharat Bandh: आज भारत बंद का ऐलान, रीवा सीधी मऊगंज में क्या खुला और क्या रहेगा बंद,पढ़िए पूरी खबर!
Bharat Bandh: आज 21 अगस्त को भारत बंद का ऐलान दलित और आदिवासी संगठनों ने आवाहन किया है इसमें मेडिकल, पुलिस को छोड़कर सेवाएं बंद रहेंगी। Bharat Bandh दलित और आदिवासी संगठनों ने समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की मां को लेकर आज भारत बैंड का आवाहन किया है नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ दलित …

Bharat Bandh: आज 21 अगस्त को भारत बंद का ऐलान दलित और आदिवासी संगठनों ने आवाहन किया है इसमें मेडिकल, पुलिस को छोड़कर सेवाएं बंद रहेंगी।
Bharat Bandh दलित और आदिवासी संगठनों ने समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की मां को लेकर आज भारत बैंड का आवाहन किया है नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन्स’ ने मांगों की एक सूची जारी की है जिसमें अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के लिए न्याय और समानता की मांग शामिल हैं।

Bharat Bandh क्या-क्या खुला रहेगा?
दलित संगठनों ने आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करके अपील की है कि मेडिकल सेवाओं पुलिस और फायर सेवाओं को छोड़कर सुबह 6:00 से रात 8:00 तक सब कुछ बंद रहेगा। हालांकि सरकारी दफ्तर, बैंक, पेट्रोल पंप स्कूल और कॉलेज में सामान्य रूप से कामकाज होगा अभी तक इन्हें बंद रखने को लेकर कोई भी आदेश सामने नहीं आया है, वहीं बंद आवाहन के बाद सार्वजनिक परिवहन रेल सेवाएं चालू रहेंगे।
Bharat Bandh भारत बंद के दौरान क्या बंद रहेगा
एससी एसटी कोटे को लेकर भारत बैंड के ऐलान पर अभी तक किसी राज्य में कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं। पश्चिमी यूपी और राजस्थान जैसे राज्यों में इसका असर जरूर देखने को मिल सकता है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। हालांकि आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें।
भारत बंद का आह्वान करने वाले संगठनों ने कहा है कि देश में कोई भी सार्वजनिक परिवहन नहीं चलेगा, लेकिन इसे लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। कुछ जगहों पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा कुछ जगहों पर निजी दफ्तर बंद किए जा सकते हैं।
आखिर क्यों हो रहा है Bharat Bandh
SC-ST संगठनों ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों की पीठ द्वारा सुनाए गए फैसले के प्रति विपरीत दृष्टिकोण बनाया है, जो उनके अनुसार ऐतिहासिक इंदिरा साहनी मामले में नवजीवों की पीठ द्वारा दिए गए फैसले को कमजोर करता है। जिसने भारत में आरक्षण की रूपरेखा स्थापित की थी। इसी फैसले को खारिज करने के लिए संगठन द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया है।