मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत ने यह साफ कर दिया है कि नेतृत्व में कोई नरमी नहीं आई है, भले ही अब सरकार को गठबंधन का सहारा लेना पड़ा हो। पहले दो कार्यकालों की तरह इस बार भी सख्त, दूरदर्शी और निर्णायक फैसले लिए जा रहे हैं, जो देश की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित कर रहे हैं।
गठबंधन की मजबूरी नहीं, मजबूती बनी
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जहां अक्सर गठबंधन सरकारें अपने साझेदारों को खुश रखने के लिए बड़े और विवादास्पद मुद्दों से बचती हैं, वहीं मोदी सरकार ने अपने ही एजेंडे पर मजबूती से काम करना जारी रखा है। एक देश-एक चुनाव और वक्फ कानून जैसे संवेदनशील विषयों पर भी सहयोगी दलों ने सरकार का पूरा साथ दिया है।
100 दिनों में 73 बड़े फैसले
सरकार ने सिर्फ 100 दिनों में ही 73 बड़े फैसले लेकर यह दिखा दिया है कि नीति, नीयत और निर्णायकता में कोई कमी नहीं है। ये फैसले देश के बुनियादी ढांचे, अर्थव्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को नया आयाम दे रहे हैं।
प्रमुख फैसले जो देश को बदल रहे हैं
एक देश, एक चुनाव
देश में एकसाथ चुनाव करवाने की दिशा में बड़ा कदम, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
जातिगत जनगणना
राजनीतिक रूप से साहसिक निर्णय, जिसने विपक्ष को भी चौंका दिया।
नए आपराधिक कानून
1 जुलाई 2024 से ब्रिटिश कालीन कानूनों की जगह तीन नए कानून लागू —
भारतीय न्याय संहिता
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता
भारतीय साक्ष्य अधिनियम
वक्फ बोर्ड कानून में बदलाव
वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का प्रयास।
राष्ट्रीय सुरक्षा में कड़ा संदेश
ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में 100 किमी अंदर जाकर आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई।
नक्सलवाद की सफाई: पहले जहां 39 जिले प्रभावित थे, अब केवल 6 में ही मौजूदगी।
त्रिपुरा समझौता: 35 वर्षों से चला आ रहा उग्रवाद खत्म, सैकड़ों उग्रवादी मुख्यधारा में लौटे।
जनता के हित में क्रांतिकारी कदम
आयकर में राहत: 12 लाख तक की आय पर टैक्स माफ, स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 तक बढ़ाया।
एकीकृत पेंशन योजना: 25 साल की सेवा के बाद औसत मूल वेतन का 50% पेंशन।
बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड: 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों को मुफ्त स्वास्थ्य सुरक्षा।
पीएम आवास योजना: शहरों में 1 करोड़ और गांवों में 2 करोड़ नए घरों की मंजूरी।
बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक विकास
कश्मीर में पहली बार रेल: उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेललाइन का उद्घाटन। चिनाब नदी पर बना दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल भी शामिल। वंदे भारत एक्सप्रेस: कटरा से श्रीनगर के बीच दो ट्रेनों को हरी झंडी।
अमर मिश्रा ‘हरित प्रवाह’ समाचार पत्र के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार संपादन का लंबा अनुभव है।
