Up news: दबंग स्टूडियो संचालक के हनक के सामने बेबस हुई गोपीगंज थाने कि पुलिस ,पत्रकार के साथ मारपीट कर मोबाईल छीनने वाले के ऊपर 48 घंटे बीत जाने के बाद भी दर्ज नहीं हुआ मुकदमा
Up news: भदोही जिला के गोपीगंज से है जहां दबंग स्टूडियो संचालक के हनक के सामने बेबस हुई गोपीगंज थाने कि पुलिस ,पत्रकार के साथ मारपीट कर मोबाईल छीनने वाले के ऊपर 48 घंटे बीत जाने के बाद भी दर्ज नहीं हुआ मुकदमा जानकारी के मुताबिक बताते चले कि बीते दिन कल गोपीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत फाटक वाली गली से पीड़ित पत्रकार सरस राजपूत अपने बड़े भाई को दवा दिलाकर वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान फाटक वाली गली के पास कथित रूप से मनबढ़ स्टूडियो संचालक शुभम पाठक अपने तीन अज्ञात साथियों के साथ बीच सड़क पर खड़े होकर हुल्लड़ बाजी करते हुए रास्ता रोक कर पत्रकार सरस राजपूत व उनके पत्रकार भाई के साथ मारपीट करते हुए मोबाईल फोन भी छीन लिया था वही मारपीट के दरमियान पत्रकार के हाथ और आंख में काफी गंभीर चोट आई थी लेकिन गोपीगंज थाने कि पुलिस पत्रकारों का मेडिकल उपचार कराने के बजाय उनको मारपीट के मामले में जॉच के लिए तीन से चार घंटे तक थाने से चौकी और चौकी से थाने के चक्कर लगवाए गए लेकिन ना तो पत्रकारों का पुलिस के द्वारा मेडिकल कराया गया ना ही उनकी प्राथमिकी दर्ज कि गई अभी तक 48 घंटे बीत जाने के बाद भी गोपीगंज थाने कि पुलिस दबंग स्टूडियो संचालक शुभम पाठक के हनक के सामने बेबस नजर आ रही है अब सवाल यह उठता है आखिर क्या गोपीगंज पुलिस पत्रकारों के हत्या होने का इंतजार कर रही है वही कुछ समाजसेवियों का कहना है कि जो दबंग स्टूडियो संचालक शुभम पाठक भरे बाजार में पत्रकारों के साथ मारपीट करते हुए उनका मोबाईल छीन सकता है वह कुछ भी कर सकता है और तो और 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक मुकदमा दर्ज करके दबंग स्टूडियो संचालक शुभम पाठक को गिरफ्तार नहीं कर पा रही जबकि गोपीगंज पुलिस को पता है कि शुभम पाठक का स्टूडियो कहां है और वह कहां मिलेगा फिर भी,वही पत्रकार संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है यदि कार्यवाही नहीं हुई तो पत्रकार संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगी। क्योंकि भदोही जिले में भी अब पत्रकारों वीके साथ मारपीट के अनेक मामले हो चुके जिससे इन घटनाओं ने प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
