रीवा संभाग

Rewa traffic news: तपती धूप और 43 डिग्री पारा, फिर भी सड़क पर उतरे एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान; शहर की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए खुद संभाली कमान

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Rewa traffic news: रीवा, मध्य प्रदेश विंध्य क्षेत्र के प्रमुख शहर रीवा में इन दिनों गर्मी अपने पूरे शबाब पर है। आसमान से बरसती आग और 43 डिग्री सेल्सियस के खौलते तापमान ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लेकिन इस भीषण तपिश के बीच भी रीवा के पुलिस अधीक्षक  शैलेंद्र सिंह चौहान का एक अलग ही रूप देखने को मिला। शहर की बेपटरी हो चुकी यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एसपी खुद सड़कों पर उतरे और घंटों बीच चौराहे पर खड़े होकर स्थिति का जायजा लिया।

Rewa traffic news: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बनी सिरदर्द

पिछले कुछ महीनों से रीवा शहर के भीतर यातायात की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर संकरी गलियों तक, हर जगह घंटों जाम लगना एक आम बात हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिन दूरियों को तय करने में पहले महज 10 से 15 मिनट का समय लगता था, अब उन्हीं रास्तों पर डेढ़ से दो घंटे का समय बर्बाद हो रहा है। चाहे वह पुराने शहर का इलाका हो या फिर नए विकसित हो रहे मोहल्ले, जाम की समस्या ने रीवा वासियों का जीना मुहाल कर दिया है। विशेष रूप से रीवा-इलाहाबाद रोड और जय स्तंभ चौक जैसे प्रमुख केंद्रों पर दिन भर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं।

जब अचानक जय स्तंभ चौक पहुंचे एसपी

दोपहर के करीब 12:30 बज रहे थे, सूरज बिल्कुल सिर के ऊपर था और सड़कें लू के थपेड़ों से दहक रही थीं। इसी दौरान पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान का काफिला अचानक शहर के सबसे व्यस्ततम ‘जय स्तंभ चौक’ पर आकर रुका। बिना किसी पूर्व सूचना के एसपी को बीच चौराहे पर खड़ा देखकर वहां तैनात पुलिसकर्मियों और आम राहगीरों में खलबली मच गई।
एसपी ने किसी बंद गाड़ी में बैठकर निर्देश देने के बजाय, सड़क पर उतरकर व्यवस्था को अपनी आंखों से देखा। उन्होंने देखा कि किस तरह नियमों का उल्लंघन कर रहे वाहन चालक जाम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई चार पहिया वाहनों को रुकवाकर उनके चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और हिदायत दी कि दोबारा नियमों की अनदेखी करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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पुलिसकर्मियों को दिए सख्त निर्देश

चौराहे पर खड़े होकर एसपी ने वहां तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवानों और अधिकारियों की क्लास भी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यातायात को सुगम बनाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी ने निर्देश दिया कि पीक आवर्स के दौरान अधिक मुस्तैदी दिखाई जाए और जो वाहन गलत तरीके से सड़क किनारे खड़े होकर जाम का कारण बनते हैं, उन पर तुरंत जुर्माना लगाया जाए।

 नगर निगम और पुलिस प्रशासन का संयुक्त अभियान

रीवा की इस समस्या को लेकर प्रशासन अब चौतरफा कार्रवाई के मूड में दिख रहा है। गौरतलब है कि एसपी के इस निरीक्षण से कुछ घंटे पहले ही नगर निगम के नवनियुक्त कमिश्नर ने भी शहर के प्रमुख मार्गों का पैदल भ्रमण किया था। प्रशासन की इस संयुक्त सक्रियता ने यह संदेश दे दिया है कि अब शहर की सड़कों पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम ने जहां सड़क किनारे अवैध रूप से कब्जा करने वाले दुकानदारों पर शिकंजा कसना शुरू किया है, वहीं पुलिस प्रशासन अब चालानी कार्रवाई और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित कर रहा है

सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान के इस कदम की जमकर तारीफ हो रही है। लोगों का कहना है कि जब विभाग का मुखिया खुद इतनी भीषण गर्मी में पसीना बहाकर सड़क पर काम कर सकता है, तो निश्चित रूप से निचले स्तर के अधिकारियों में भी जिम्मेदारी का भाव जगेगा। भीषण गर्मी में खाकी की इस सक्रियता ने नागरिकों को एक नई उम्मीद दी है कि शायद अब उन्हें रोजाना के जाम से मुक्ति मिल सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एक दिन के निरीक्षण से व्यवस्था पूरी तरह नहीं बदल सकती।
प्रमुख चौराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम का प्रभावी क्रियान्वयन। ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के लिए निर्धारित रूट और स्टैंड की व्यवस्था। भारी वाहनों के शहर में प्रवेश के समय पर सख्त निगरानी। सड़कों के किनारे हो रहे स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण को हटाना।
पुलिस अधीक्षक ने आश्वस्त किया है कि इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने शहरवासियों से भी अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, क्योंकि बिना जनता के सहयोग के कोई भी प्रशासनिक व्यवस्था सफल नहीं हो सकती।

रीवा पुलिस अधीक्षक का यह कदम न केवल कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है, बल्कि यह उन अधिकारियों के लिए भी एक सबक है जो दफ्तरों के एसी कमरों में बैठकर व्यवस्था सुधारने के दावे करते हैं। 43 डिग्री के तापमान में एसपी का सड़क पर खड़ा होना यह दर्शाता है कि प्रशासन अब रीवा की समस्याओं को लेकर गंभीर है। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में पुलिस और नगर निगम की यह जुगलबंदी शहर की सूरत कितनी बदल पाती है।

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