रीवा का गौरव: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी को अमेरिका में मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, जिले में खुशी की लहर
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के लिए एक बार फिर गर्व का क्षण सामने आया है। भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी को अमेरिका के प्रतिष्ठित के इंटरनेशनल हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है। इस उपलब्धि के साथ वे यह सम्मान पाने वाले तीसरे भारतीय सेना प्रमुख बन गए हैं। जैसे ही यह खबर सामने आई, रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई और लोग अपने इस सपूत पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
जनरल द्विवेदी का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे रीवा जिले और मध्य प्रदेश के लिए भी गौरव की बात है। वे के मूल निवासी हैं और अपनी प्रारंभिक शिक्षा भी यहीं से प्राप्त की। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
अमेरिका के पेंसिल्वेनिया स्थित इस प्रतिष्ठित संस्थान के इंटरनेशनल हॉल ऑफ फेम में शामिल होना किसी भी सैन्य अधिकारी के लिए अत्यंत सम्मान की बात मानी जाती है। इससे पहले और को यह सम्मान मिल चुका है। अब जनरल उपेंद्र द्विवेदी का नाम भी इस प्रतिष्ठित सूची में जुड़ गया है।
भारतीय सेना द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जनरल द्विवेदी ने अमेरिका दौरे के दौरान आर्मी वार कॉलेज के फैकल्टी और अंतरराष्ट्रीय छात्र अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने नेतृत्व, पेशेवर सैन्य शिक्षा और बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। उनके विचारों को वहां मौजूद अधिकारियों और छात्रों ने काफी सराहा।
जनरल द्विवेदी स्वयं इस प्रतिष्ठित कॉलेज के पूर्व छात्र भी रह चुके हैं। अपने दौरे के दौरान उन्होंने कॉलेज की प्रमुख सुविधाओं का निरीक्षण किया और शैक्षणिक गतिविधियों में भी भाग लिया। यह दौरा उनके पुराने अनुभवों को ताजा करने के साथ-साथ नए सैन्य दृष्टिकोणों को समझने का भी अवसर रहा।
यदि उनके करियर की बात करें तो जनरल उपेंद्र द्विवेदी वर्तमान में भारत के 30वें थल सेना प्रमुख (COAS) हैं। उन्होंने 30 जून 2024 को इस महत्वपूर्ण पद का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वे भारतीय सेना में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं और उनके नेतृत्व कौशल की हमेशा सराहना होती रही है।
उनकी शुरुआती पढ़ाई से हुई, जो कि देश के प्रतिष्ठित सैनिक स्कूलों में से एक है। यही से उनके अंदर देश सेवा की भावना और अनुशासन की नींव पड़ी, जिसने आगे चलकर उन्हें इस ऊंचाई तक पहुंचाया।
रीवा जिले के लोगों के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से प्रतिभाओं को जन्म देता रहा है, लेकिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की पहचान मिलना पूरे क्षेत्र के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है। स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने जनरल द्विवेदी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
इस सम्मान से यह भी स्पष्ट होता है कि भारतीय सेना के अधिकारी न केवल देश की सीमाओं की रक्षा में अग्रणी हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशेषज्ञता और नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा रहे हैं। जनरल द्विवेदी की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के युवाओं को प्रेरित करेगी, खासकर उन छात्रों को जो छोटे शहरों और कस्बों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं।
कुल मिलाकर, जनरल उपेंद्र द्विवेदी का इंटरनेशनल हॉल ऑफ फेम में शामिल होना सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि रीवा और पूरे देश के लिए गर्व का प्रतीक है। यह उपलब्धि बताती है कि समर्पण, कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर कोई भी व्यक्ति विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।
