क्राइम

Rewa news: पत्रकार दीपक मिश्रा हत्याकांड: पुलिस की ‘सुपारी किलिंग’ थ्योरी ध्वस्त, मुख्य शूटर बरी अधिवक्ता राजीव सिंह ‘शेरा’ की दलीलों के आगे ढेर हुई 11 साल पुरानी विवेचना, सहयोगियो को पड़ी थी सजा आखिर कौन है जिसने दीपक मिश्रा को मारी थी गोली

Share With Others

Rewa news: रीवा। विंध्य क्षेत्र के सबसे चर्चित और सनसनीखेज ‘पत्रकार दीपक मिश्रा हत्याकांड’ में पुलिस की जांच और थ्योरी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस आरोपी को पुलिस उत्तर प्रदेश का ‘शार्प शूटर’ बताकर 11 साल तक तलाशती रही और जिसके आधार पर अन्य आरोपियों को आजीवन कारावास हुआ, उसे न्यायालय ने बाइज्जत बरी कर दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव सिंह ‘शेरा’ की दमदार पैरवी ने पुलिस की उस कहानी की हवा निकाल दी, जिसमें दीपू सिंह को मुख्य शूटर बताया गया था।

Rewa news: कलेक्टर कार्यालय प्रतापगढ़ की मौजूदगी ने पलटा मामला

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ अधिवक्ता राजीव सिंह ‘शेरा’ द्वारा पेश किए गए साक्ष्य रहे। अधिवक्ता राजीव सिंह शेरा ने न्यायालय में यह सिद्ध कर दिया कि जिस दिन और जिस समय रीवा के नौबस्ता में दीपक मिश्रा की हत्या हुई, कथित शूटर दीपू सिंह उत्तर प्रदेश के कलेक्टर कार्यालय, प्रतापगढ़ में मौजूद था। मोबाइल लोकेशन और आधिकारिक दस्तावेजों के माध्यम से यह साबित किया गया कि आरोपी घटनास्थल से कोसों दूर था।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

अधिवक्ता राजीव सिंह शेरा

 

Rewa news: विवेचना पर उठे सवाल हथियार और गवाह हुए कमजोर

पुलिस ने दावा किया था कि दीपू सिंह ने ही कार के अंदर दीपक मिश्रा को गोली मारी थी। पुलिस ने 11 साल बाद 2019 में आरोपी की गिरफ्तारी दिखाई और एक पिस्तौल जब्त की। हालांकि, कोर्ट ने इस जब्ती को विश्वसनीय नहीं माना।

पुलिस ने दीपू सिंह के खिलाफ 25 गवाह पेश किए थे, लेकिन रीवा जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव सिंह शेरा की जिरह में पुलिस की थ्योरी और गवाहों के बयानों में भारी अंतर पाया गया।

पुलिस यह साबित करने में नाकाम रही कि साजिशकर्ताओं और दीपू सिंह के बीच कोई फोन कॉल या सीधा संपर्क था।

न्यायालय के इस फैसले ने एक कानूनी विरोधाभास पैदा कर दिया है। हालांकि न्यायालय के इस फैसले का हम सम्मान करते हैं मगर कहीं ना कहीं पुलिस थ्योरी के अनुसार, डॉ. संजय मिश्रा और अन्य सहयोगियों को इसलिए सजा हुई थी क्योंकि उन्होंने ‘शूटर दीपू सिंह’ को बुलाया और वारदात के बाद उसे भगाने में मदद की। अब जबकि मुख्य शूटर दीपू सिंह ही दोषमुक्त हो गया है, तो सहयोगियों को सजा क्यो आखिर पुलिस रीवा के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव सिंह शेरा के जवाबों का कोर्ट में जवाब नहीं दे पाई क्यों सूटर को सजा नही दिलवा पाई ।

Rewa news: पुलिस के अनुसार धटना क्रम

1 अगस्त 2008 को दैनिक भास्कर के तत्कालीन ब्यूरो चीफ दीपक मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने उनके रिश्तेदार डॉ. संजय मिश्रा को मुख्य साजिशकर्ता बताया था। साल 2011 में संजय मिश्रा समेत 4 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, जबकि दीपू सिंह को 2019 में गिरफ्तार किया गया था। शूटर टीपू सिंह के पिता के नाम से रजिस्टर मोटरसाइकिल को भी डॉक्टर संजय मिश्रा के घर से पुलिस ने उस समय बरामद किया था, चले लंबे विचारण के बाद सूटर दीपू सिंह को बरी कर दिया गया और सहयोगियों को आजीवन को काराबास की सजा सुनाई गई थी। जहां फिलहाल मामला हाई कोर्ट में लंबित है और आरोपी जमानत पर हैं।

रीवा जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता शेरा सिंह ने पत्रकार दीपक मिश्रा के शूटर उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ निवासी दीपू सिंह की पैरवी किये थे जिन्हें इस हत्या के मामले में सजा सुनाई गई थी उनकी पैरवी अन्य अधिवक्ता के द्वारा की गई थी । आखिर किसने मारी गोली रीवा की जनता यह जानना चाहती है आज भी लोगों के मन में यह प्रश्न जरूर पैदा होता होगा कि जब शूटर दीपू सिंह दोषी नहीं है तो आखिर रीवा जिले के उस समय के वरिष्ठ पत्रकार दैनिक भास्कर अखबार के ब्यूरो दीपक मिश्रा की हत्या किसने की थी आखिर किसने गोली चलाई थी रीवा पुलिस के अनुसार दिनदहाड़े पत्रकार दीपक मिश्रा को बस स्टैंड के पास से सूटर दीपू सिंह ने कार में घसीट कर बैठाया था उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *