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क्राइम

Rewa news: दुआरी स्कूल मामला: 12 छात्राओं का भविष्य दांव पर, कलेक्टर-कमिश्नर कार्यालय तक पहुँचा आक्रोश

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Rewa news: शिक्षा के मंदिर में इस तरह की लापरवाही न केवल छात्राओं का भविष्य अंधकार में डालती है, बल्कि पूरे तंत्र पर सवाल खड़े करती है।  मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग को शर्मसार करने वाली एक घटना गुढ़ विधानसभा क्षेत्र से सामने आई है। जहां शासकीय कन्या हाई स्कूल दुआरी में प्राचार्य देबेन्द्र त्रिपाठी और स्कूल प्रबंधन की कथित “घोर लापरवाही” ने 12 छात्राओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। मामला अब तूल पकड़ चुका है और छात्राएं न्याय की गुहार लेकर सड़कों पर उतर आया है।

शासकीय कन्या हाई स्कूल दुआरी में कक्षा 10वीं में कुल 16 छात्राएं अध्ययनरत थीं। नियमों के मुताबिक, समय सीमा के भीतर इन सभी छात्राओं के परीक्षा फॉर्म भरे जाने थे। लेकिन जब बोर्ड परीक्षाओं की घड़ी नजदीक आई, तो खुलासा हुआ कि स्कूल प्रबंधन ने 16 में से सिर्फ 4 छात्राओं के ही फॉर्म भरे हैं। शेष 12 छात्राएं फॉर्म भरने से वंचित रह गईं, जिससे उनका पूरा एक साल बर्बाद हो गया हालांकि अब बोर्ड परीक्षा भी शुरू हो चुकी है ।

कलेक्ट्रेट और कमिश्नर कार्यालय का घेराव

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मंगलवार, 10 फरवरी को इस मुद्दे ने तब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया जब जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में छात्राओं के परिजन संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण), कलेक्ट्रेट और कमिश्नर कार्यालय पहुंचे।

Rewa news: परिजनों और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें:

निलंबन की कार्रवाई: प्राचार्य देवेंद्र त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
विशेष अनुमति: वंचित 12 छात्राओं का परीक्षा फॉर्म विशेष प्रकरण मानकर भरा जाए।
परीक्षा में शामिल करना: किसी भी स्थिति में छात्राओं को इसी सत्र की परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाए।

लापरवाही या जानबूझकर की गई चूक

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह केवल तकनीकी चूक नहीं बल्कि प्राचार्य और संबंधित शिक्षकों की उदासीनता और संवेदनहीनता का परिणाम है। ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए शिक्षा ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है, और उस पर इस तरह का प्रहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

लालमणि त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि  जब छात्राएं स्कूल पढ़ने आती हैं, तो यह प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि उनकी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हों। 12 बच्चियों का साल बर्बाद करना अपराध है।”

 

अब गेंद प्रशासन के पाले में है। यदि शिक्षा विभाग और बोर्ड समन्वय बनाकर कोई बीच का रास्ता नहीं निकालते हैं, तो इन छात्राओं का एक वर्ष पूरी तरह खराब हो जाएगा। छात्रा व परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो विरोध  को और तेज किया जाएगा।

Rewa news: कलेक्टर ने तलब किया DEO को

इस पूरे मामले पर तत्काल रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने एक्शन लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को कार्यालय बुलाकर तत्काल इसमें जल्द से जल्द कार्रवाई करने के निर्देश भी दे दिए हैं आपको बता दे की  लापरवाह दुआरी स्कूल के प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर देना चाहिए और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी होनी चाहिए क्योंकि प्राचार्य कि इतनी बड़ी चूक कहे या लापरवाही या जानबूझकर सोची समझी साजिश जिसके चलते कक्षा दसवीं की लगभग 12 छात्राओं का भविष्य बर्बाद हो गया है क्योंकि परीक्षा दसवीं और कक्षा 12वीं की शुरू हो चुकी है अब तो परीक्षा फॉर्म भरना संभव नहीं है इसके चलते छात्रों को अब अगले वर्ष का इंतजार करना पड़ेगा ।

 

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