Breaking news:दवाई की बिक्री अब केवल रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की उपस्थिति में ही होगी। चाहे अस्पताल हो या मेडिकल स्टोर……
मध्यप्रदेश राज्य के समस्त चिकित्सालयों/फार्मेसी/मेडिकल स्टोर के संचालक / फार्मासिस्ट को सूचित किया जाता है कि फार्मेसी अधिनियम 1948 की धारा 42 में विहित प्रावधान अनुसार मेडिकल प्रेक्टिशनर के प्रेस्किप्शन पर केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट द्वारा ही दवाइयां डिस्पेंस की जानी है। किसी गैर पंजीकृत व्यक्ति के द्वारा दवाइयों का डिस्पेंस / वितरण / विकय होना पाए जाने पर संबंधितों पर फार्मेसी एक्ट 1948 के तहत कानूनी कार्यवाही की जावेगी ।
फार्मेसी काउन्सिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली के पत्र क्रमांक-19-1/2023-PCI / 3854-56 दिनांक 25.10.2023 कानून व न्याय मंत्रालय (विधायी विभाग) भारत शासन असाधारण राजपत्र स. 21 भाग ॥ खंड 1 दिनांक 11 अगस्त 2023, में प्रकाशित Jan vishwas (Amendment of Provisions) Act 2023 के कम संख्या पृष्ठ संख्या 13 संशोधन कमांक (D) अनुसार फार्मेसी एक्ट 1948 की धारा 42 के दंड प्रावधान में संशोधन करके गैर पंजीकृत फार्मासिस्ट के द्वारा दवा डिस्पेंसिंग करते पाए जाने पर 3 माह तक की सजा अथवा दो लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनों एक साथ होने का प्रावधान है। अत्यंत विषम परिस्थितियों में फार्मेसी एक्ट 1948 के प्रावधानों के तहत कौंसिल द्वारा संबंधित फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन को निरस्त भी किया जा सकता है।
अतः सर्व संबंधित सूचित हों । (अध्यक्ष महोदय द्वारा अनुमोदित)
